कोल इंडिया चेयरमैन ने परखी एसईसीएल की ताकत
कोरबा (ट्रैक सिटी) ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए कोल इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन बी. साईराम ने एसईसीएल की मेगा परियोजनाओं को नई धार दी है। अपने दौरे के दूसरे दिन उन्होंने एशिया की सबसे विशाल गेवरा खदान का बारीकी से निरीक्षण किया और इसे 70 मिलियन टन वार्षिक उत्पादन के ऐतिहासिक आंकड़े तक ले जाने का रोड मैप तैयार किया।
आधुनिक तकनीक, सुदृढ़ रेल कॉरिडोर और पर्यावरण संरक्षण के त्रिकोणीय संगम के साथ, चेयरमैन ने स्पष्ट कर दिया कि देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए एसईसीएल की ये खदानें रीढ़ की हड्डी साबित होंगी। सिर्फ उत्पादन ही नहीं, बल्कि कोयले प्रेषण की रफ्तार और श्रमिकों के कल्याण को भी इस ‘महा-संकल्प’ का अनिवार्य हिस्सा बनाया गया है।
जानकारी के अनुसार कोल इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन बी. साईराम ने अपने एसईसीएल दौरे के दूसरे दिन कोरबा क्षेत्र में संचालित प्रमुख परियोजनाओं का व्यापक निरीक्षण किया। इस दौरान एसईसीएल के सीएमडी हरीश दुहन कंपनी के कार्यात्मक निदेशक एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
दिन की शुरुआत चेयरमैन द्वारा छत्तीसगढ़ ईस्ट-वेस्ट रेल लिमिटेड रेल कॉरिडोर के निर्माण कार्यों के निरीक्षण से हुई। उन्होंने जुनाडी कनेक्टिविटी यार्ड, टेक-ऑफ यार्ड तथा सुराकछार लाइन के समीप विभिन्न स्थलों का दौरा कर कार्य प्रगति की समीक्षा की। अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि प्रमुख यार्डों का निर्माण जून 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है। इस पर चेयरमैन ने कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष बल देते हुए एम्बैंकमेंट की ढलानों पर टर्फिंग कर हरित आवरण विकसित करने के निर्देश दिए।
एशिया की सबसे बड़ी गेवरा खदान का किया दौरा
इसके पश्चात चेयरमैन ने एशिया की सबसे बड़ी गेवरा खदान का दौरा किया। गेवरा व्यू पॉइंट से उन्होंने माइन प्लान के माध्यम से खदान संचालन की समीक्षा की तथा उत्पादन क्षमता को 70 मिलियन टन तक ले जाने की कार्ययोजना पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने 1000 टीपीएच क्षमता वाले क्रशर, एनटीपीसी पब्लिक साइलो डिस्पैच सिस्टम, कोल स्टॉक एवं साइलो 5 व 6 की प्रगति का निरीक्षण किया। चेयरमैन ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मियों को सम्मानित करते हुए उनका उत्साहवर्धन भी किया।
अपने संबोधन में चेयरमैन ने कहा कि अधिकारियों को श्रमिकों के साथ सतत संवाद बनाए रखना चाहिए तथा उनके हितों और कल्याण को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि खदानों में कार्य करने का अनुभव अद्वितीय संतोष प्रदान करता है।
व्यू पॉइंट से खदान की प्रगति का किया अवलोकन
इसके बाद उन्होंने दीपका खदान का दौरा किया, जहां व्यू पॉइंट से खदान की प्रगति, भूमि उपलब्धता एवं 40 मिलियन टन से अधिक उत्पादन प्राप्त करने की रणनीति पर चर्चा की गई। उन्होंने साइलो 3 एवं 4 का निरीक्षण करते हुए एनटीपीसी को भेजे जा रहे रेक का अवलोकन किया तथा रेक उपलब्धता, भविष्य की उत्पादन योजनाओं के अनुरूप कोयला निकासी और प्रेषण व्यवस्था पर विस्तृत समीक्षा की।
ठेका श्रमिकों के हितों की सुरक्षा पर विशेष जोर
चेयरमैन ने इस दौरान ठेका श्रमिकों के हितों की सुरक्षा पर विशेष जोर देते हुए कहा कि उनके कल्याण को प्राथमिकता में रखा जाना चाहिए। उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों, ठेका श्रमिकों एवं अधिकारियों को सम्मानित भी किया।
दौरे के अंत में गेवरा हाउस में एसईसीएल की मेगा परियोजनाओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई, जिसमें क्षेत्रीय इकाइयों एवं मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। चेयरमैन ने उत्पादन को शीघ्रता से पर्यावरण स्वीकृति सीमा तक ले जाने के लिए ठोस कदम उठाने पर बल देते हुए सतत विकास, परिचालन दक्षता एवं आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण पर जोर दिया।

