जांजगीर-चाँपा

औद्योगिक इकाइयों और पावर प्लांट में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन अनिवार्य, कलेक्टर-एसपी ने दिए कड़े निर्देश।

जांजगीर-चांपा(ट्रैक सिटी)। जिले में औद्योगिक सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त नजर आ रहा है। कलेक्टर जन्मेजय महोबे और प्रभारी पुलिस अधीक्षक श्रीमती निवेदिता पाल ने अटल बिहारी वाजपेयी ताप विद्युत गृह के सभाकक्ष में जिले के औद्योगिक प्रतिष्ठानों और पावर प्लांट के प्रतिनिधियों की अहम बैठक लेकर सुरक्षा व्यवस्था की गहन समीक्षा की। बैठक में स्पष्ट रूप से निर्देश दिए गए कि सभी औद्योगिक इकाइयां निर्धारित सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।

कलेक्टर ने कहा कि औद्योगिक प्रतिष्ठानों में कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए सभी आवश्यक उपकरण, मशीनरी और सुरक्षा संसाधन निर्धारित मानकों के अनुरूप उपलब्ध कराना अनिवार्य है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर इकाई को दुर्घटना रोकने के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम रखने होंगे।

बैठक में अग्निशमन यंत्र, फायर अलार्म सिस्टम, मशीनों का सुरक्षित संचालन, उपकरणों का नियमित रखरखाव, बायलर सुरक्षा, सीसीटीवी कैमरे और अन्य सुरक्षा उपायों को अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने यह भी कहा कि सभी तकनीकी प्रक्रियाओं और संचालन का नियमित निरीक्षण किया जाए, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते टाला जा सके।

उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि जिन मशीनों और उपकरणों से दुर्घटना की आशंका होती है, उनकी समय-समय पर अधिकृत एजेंसियों से जांच कराई जाए। इससे तकनीकी खामियों को पहले ही दूर किया जा सकेगा और बड़े हादसों को रोका जा सकेगा।

कलेक्टर ने ‘गोल्डन ऑवर’ की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी औद्योगिक दुर्घटना की स्थिति में घायल व्यक्तियों को तुरंत उपचार उपलब्ध कराना जरूरी है। इसके लिए हर उद्योग में आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था, एंबुलेंस और प्रशिक्षित प्राथमिक उपचार टीम की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही सभी औद्योगिक इकाइयों को आपदा प्रबंधन प्रोटोकॉल तैयार कर कर्मचारियों को नियमित प्रशिक्षण देने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में यह भी तय किया गया कि सभी संबंधित विभागों की संयुक्त समिति बनाकर सुरक्षा मानकों की नियमित समीक्षा की जाएगी और संभावित आपात स्थितियों से निपटने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार कर उसका प्रभावी क्रियान्वयन किया जाएगा।

प्रभारी पुलिस अधीक्षक श्रीमती निवेदिता पाल ने उद्योगों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए नियमित मॉक ड्रिल आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर प्लांट में क्विक रिस्पांस टीम का गठन किया जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। इसके अलावा सभी इकाइयों में इमरजेंसी एग्जिट की समुचित व्यवस्था भी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने को कहा गया।

इस बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कश्यप, एसडीएम जांजगीर सुब्रत प्रधान सहित विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के अधिकारी और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि सुरक्षा नियमों के पालन में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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