कोरबा

कलेक्टर के निर्देशानुसार कृषि विभाग द्वारा 11 फरवरी से 03 मार्च तक कृषक चौपालों का आयोजन।

पी.एम. धन-धान्य कृषि योजना अंतर्गत संकेतकवार प्रगति एवं परिपूर्णता अभियान पर विशेष फोकस।

कोरबा (ट्रैक सिटी)। कलेक्टर कुणाल दुदावत (भा.प्र.से.) के निर्देशानुसार कृषि विभाग द्वारा प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (पी.एम.डी.डी.के.वाई.) के अंतर्गत संकेतकवार प्रगति सुनिश्चित करने तथा परिपूर्णता अभियान संचालित करने हेतु दिनांक 11 फरवरी 2026 से 03 मार्च 2026 तक जिले के प्रत्येक ग्राम एवं ग्राम पंचायत में कृषक चौपालों का आयोजन किया जा रहा है।

भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा वर्ष 2025-26 से देशभर के 100 आकांक्षी जिलों के विकास हेतु नवीन “प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना” संचालित की जा रही है। योजना में 11 विभागों/मंत्रालयों की 36 योजनाएँ और 119 प्रमुख प्रदर्शन संकेतक सम्मिलित हैं, जिनके आधार पर जिलों की प्रगति एवं रैंकिंग निर्धारित की जाएगी।

कृषक चौपालों के माध्यम से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, फार्मर रजिस्ट्री, किसान क्रेडिट कार्ड, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, एफ.पी.ओ. सदस्यता विस्तार, डी.सी.एस. के माध्यम से रबी गिरदावरी, नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग के तहत नवीन क्लस्टर चयन, ग्रीष्मकालीन धान के स्थान पर दलहन, तिलहन एवं मक्का को प्रोत्साहन, प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना अंतर्गत ड्रिप एवं स्प्रिंकलर विस्तार, किसान समृद्धि योजना अंतर्गत नलकूप स्थापना, शाकम्भरी योजना के अंतर्गत सिंचाई विस्तार हेतु पंप वितरण, कृषि यांत्रिकीकरण योजना अंतर्गत कृषि यंत्र वितरण, खरीफ 2026-27 हेतु दलहन, तिलहन एवं मिलेट फसलों का क्षेत्र विस्तार तथा खरीफ 2026-27 हेतु अग्रिम खाद उठाव जैसी गतिविधियों पर विशेष रूप से परिपूर्णता अभियान चलाया जाएगा। इन चौपालों के सफल संचालन हेतु समस्त ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है।

दिनांक 10 फरवरी 2026 को कलेक्टर कुणाल दुदावत एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत दिनेश नाग द्वारा गूगल मीट के माध्यम से कृषक चौपाल में ड्यूटी प्राप्त अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश एवं मार्गदर्शन प्रदान किया गया। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को कार्यक्रम के लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कृषक चौपालों में समन्वित प्रयासों हेतु लोक सेवा केंद्रों के वी.एल.ई., सहकारी समितियों, ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं सचिव को भी सक्रिय रूप से भागीदारी सुनिश्चित करने निर्देशित किया गया है। साथ ही ई–जिला प्रबंधक एवं नोडल अधिकारी, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित को आवश्यक समन्वय हेतु निर्देश दिए गए।

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