कोरबा

कोरबा में स्वयंसेवकों की कार्यशाला, पंचायत राज से लेकर ‘मोर गांव मोर पानी’ तक हुई चर्चा।

कोरबा (ट्रैक सिटी)/ कोरबा जिले में गुरुवार को स्वयंसेवकों के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में पंचायत राज व्यवस्था, ग्राम पंचायत विकास योजना और स्थानीय सतत विकास लक्ष्यों (LSDG) पर विस्तार से जानकारी दी गई। इसमें जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों से 50 से अधिक स्वयंसेवकों ने भाग लिया।

कार्यशाला में प्रतिभागियों को पंचायत राज प्रणाली, GPPFT फोरम और GPDP (ग्राम पंचायत विकास योजना) के बारे में बताया गया। साथ ही LSDG थीम के तहत ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाने पर चर्चा हुई।

स्वस्थ पंचायत पर फोकस

स्वस्थ पंचायत थीम के अंतर्गत AAA (Awareness, Access और Action) की भूमिका को समझाया गया। इसमें मितानिन, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और ANM की भूमिका पर प्रकाश डाला गया। बताया गया कि ये कार्यकर्ता ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने में अहम भूमिका निभाते हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और उप-स्वास्थ्य केंद्रों में किन समस्याओं पर परामर्श लेना चाहिए, इस पर भी जानकारी दी गई।

72 बच्चों को पढ़ा रहे स्वयंसेवक

बाल हितैषी पंचायत विषय पर ग्राम पंचायत कनकी में संचालित सुपर आरवी मोहल्ला क्लास का उदाहरण सामने आया। स्वयंसेवक राजवाड़े और रानीवांती राजवाड़े ने बताया कि वे मोहल्ला क्लास के माध्यम से 72 बच्चों को पढ़ा रहे हैं। इस पहल के चलते बच्चों की पढ़ाई में सुधार हुआ है और उन्हें स्कूल में पढ़ाने का अवसर भी मिला है।

महिला हितैषी पंचायत की पहल

महिला हितैषी पंचायत के तहत रांझना, छुरीखुर्द, कापूबहरा, धनरास, जवाली, झेंझरा, हुकरा और ढिंढोलभाठा सहित 9 ग्राम पंचायतों में चल रही गतिविधियों की जानकारी दी गई। रांझना की किशोरीबाड़ी अध्यक्ष संगीता ने बताया कि वे 40 किशोरियों के साथ मिलकर सरपंच के सहयोग से काम कर रही हैं। किशोरियां ग्राम सभा में भाग लेकर अपनी समस्याएं और सुझाव रख रही हैं।

जल संरक्षण पर भी चर्चा

कार्यशाला में पूर्ण जल युक्त पंचायत के तहत VWSC (जल एवं स्वच्छता समिति) के गठन और उसकी भूमिका पर चर्चा हुई। इसके बाद ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान के अंतर्गत जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों के संरक्षण और जल बजट पर विस्तार से बातचीत की गई।

CEO के मार्गदर्शन की सराहना

इस मौके पर जिला पंचायत कोरबा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी दिनेश कुमार नाग के मार्गदर्शन की सराहना की गई। वक्ताओं ने कहा कि उनके नेतृत्व में पंचायत स्तर पर स्वयंसेवकों की भूमिका मजबूत हुई है और विकास कार्यों को नई दिशा मिली है।

कार्यशाला में जितेंद्र देव पांडेय ने पंचायत स्तर पर स्वयंसेवकों की भूमिका पर प्रकाश डाला। वहीं विद्यार्थी जी ने कहा कि यदि स्वयंसेवक अपने गांव से जुड़े हों तो LSDG के लक्ष्यों को हासिल किया जा सकता है। सुरेंद्र जी ने CV मेकिंग पर जानकारी दी। इंजीनियर ऋचा साहू ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से रोजगार के अवसर बताए। पल्लवी पंकज और नीलू ने गांधी फेलोशिप की जानकारी दी।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में लक्ष्मी साहू (RGSA), इलियाना लकड़ा और मानशु शुक्ला का विशेष सहयोग रहा।

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