कोरबा

गुरु घासीदास उपनगर के तत्वाधान में डॉ सुधा त्रिवेदी द्वारा लाइफ सपोर्ट का दिया गया प्रशिक्षण, बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने लिया हिस्सा

कोरबा (ट्रैक सिटी) राष्ट्रीय स्वयंसेवक जिला कोरबा के गुरु घासीदास उपनगर शाखा द्वारा सरस्वती शिशु विद्या मंदिर बुधवारी प्रांगण में रविवार को रायपुर से आमंत्रित डॉ सुधा त्रिवेदी ने स्वयंसेवकों को लाइफ सपोर्ट का प्रशिक्षण दिया।

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बता दें कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) अपने प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से स्वयंसेवकों को समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण के लिए तैयार करता है, जिसमें आपदा प्रबंधन और प्राथमिक उपचार (लाइफ सपोर्ट) के कौशल भी शामिल हो सकते हैं, हालाँकि यह प्रशिक्षण सीधे ‘लाइफ सपोर्ट’ के नाम से नहीं, बल्कि ‘शारीरिक प्रशिक्षण’ और सेवा कार्यों के तहत दिया जाता है, खासकर प्राकृतिक आपदाओं (जैसे सुनामी, बाढ़) में स्वयंसेवक सक्रिय रहते हैं, जहाँ वे जीवनरक्षक कार्य करते हैं. RSS के शिविरों में अनुशासन, शारीरिक दक्षता, नेतृत्व और सेवाभाव सिखाया जाता है, जो उन्हें आपातकाल में मदद करने के लिए सक्षम बनाता है, और हाल ही में प्रशिक्षण को अधिक व्यावहारिक बनाने पर जोर दिया जा रहा है.

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RSS प्रशिक्षण में लाइफ सपोर्ट से जुड़ी गतिविधियाँ:

● शारीरिक प्रशिक्षण (Physical Training): RSS के शिविरों (संघ शिक्षा वर्ग) में सुबह से ही शारीरिक प्रशिक्षण होता है, जो स्वयंसेवकों को मजबूत और चुस्त बनाता है.
● सेवा कार्य (Seva Work): आपदाओं के दौरान स्वयंसेवक जीवन बचाने के कार्य करते हैं. यह उनकी सेवा भावना का हिस्सा है, जहाँ वे प्राथमिक चिकित्सा और राहत कार्यों में जुटते हैं.
● व्यावहारिक प्रशिक्षण (Practical Training): हाल ही में, RSS ने अपने प्रशिक्षण में अधिक व्यावहारिक पहलुओं को जोड़ने पर जोर दिया है, ताकि स्वयंसेवक समाज की जरूरतों के अनुसार तैयार रहें, जिसमें आपातकालीन प्रतिक्रिया भी शामिल है.
● विशिष्ट प्रशिक्षण (Specialized Training): कुछ स्वयंसेवकों को चिकित्सा, प्रबंधन, योग जैसे क्षेत्रों में विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है, जिससे वे अपने-अपने क्षेत्रों में प्रभावी ढंग से सेवा कर सकें, जैसे ‘सेवा इंटरनेशनल’ के माध्यम से.

लाइफ सपोर्ट के लिए संस्थाएँ (RSS से संबद्ध या प्रेरित):

● सेवा इंटरनेशनल (Seva International): यह RSS से जुड़े स्वयंसेवकों द्वारा संचालित एक संगठन है, जो विदेशों में भी राहत और सेवा कार्य करता है. COVID-19 के दौरान अमेरिका में इनके कार्यों की सराहना हुई थी. यह संगठन जीवन रक्षक कौशल पर भी ध्यान देता है.
● राष्ट्रीय जीवन रक्षक सोसाइटी (RLSS): यह युवाओं को तैराकी और लाइफगार्डिंग जैसे जीवन रक्षक कौशल सिखाती है, जिससे उन्हें आजीविका भी मिलती है, और यह RSS के सेवा कार्यों से जुड़ा हो सकता है.

संक्षेप में, RSS स्वयंसेवकों को ‘लाइफ सपोर्ट’ के नाम से अलग से प्रशिक्षित करने के बजाय, उन्हें इस तरह के कौशल और सेवाभाव से लैस करता है कि वे किसी भी आपात स्थिति में मानव जीवन की रक्षा कर सकें.

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