बिलासपुर (ट्रैक सिटी)/ पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह (आईपीएस) ने शुक्रवार को पुलिस लाइन का वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी, थाना-चौकी प्रभारी और पुलिसकर्मी उपस्थित रहे।
निरीक्षण के दौरान डीआईजी ने पुलिस परेड की सलामी ली और अधिकारियों व जवानों के टर्न आउट की जांच की। बेहतर टर्न आउट वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना करते हुए उन्हें पुरस्कृत किया गया, जबकि अनुशासनहीनता पाए जाने पर कुछ कर्मचारियों को दंडित भी किया गया। परेड में स्क्वाड ड्रिल, मार्चपास्ट, शस्त्र अभ्यास, दिशा परिवर्तन, बलवा ड्रिल और फायरिंग अभ्यास कराया गया। परेड में कुल 326 अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे, जिनमें 11 राजपत्रित अधिकारी, 17 निरीक्षक, 16 उपनिरीक्षक, 16 सहायक उपनिरीक्षक, 42 प्रधान आरक्षक, 178 आरक्षक और 46 महिला आरक्षक शामिल थे।
परेड के बाद डीआईजी रजनेश सिंह ने पुलिस सम्मेलन आयोजित कर अधिकारियों और कर्मचारियों से रूबरू होकर उनकी समस्याएं सुनीं। सम्मेलन में स्वास्थ्य, स्थानांतरण, वेतन, सेवा और आवास से जुड़ी समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए। पुलिस फैमिली क्वार्टर में पानी की समस्या के समाधान के लिए भी तत्काल आवश्यक निर्देश जारी किए गए।
उन्होंने पुलिस मुख्यालय और रेंज मुख्यालय से प्राप्त निर्देशों की जानकारी देते हुए सभी को उनका पालन सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही मोबाइल पेट्रोलिंग, सामुदायिक पुलिसिंग, महिला एवं बाल सुरक्षा, नशे के खिलाफ अभियान और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया।
डीआईजी ने बीट प्रणाली को मजबूत बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि पुलिसकर्मी अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहकर जनता से संपर्क बढ़ाएं, जिससे सुरक्षा की भावना मजबूत होगी और अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सकेगा। उन्होंने बताया कि अनुभव एप और सशक्त एप के माध्यम से अब तक 20 से अधिक चोरी के वाहन बरामद किए जा चुके हैं और आगे भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।
निरीक्षण के दौरान पुलिस लाइन की विभिन्न शाखाओं का भी जायजा लिया गया। संसाधनों के बेहतर रखरखाव और उपयोग के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। उन्होंने बताया कि जिले में पुलिस बल को आधुनिक बनाने के लिए नए बलवा सुरक्षा उपकरण, वाहन और अन्य संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। हाल ही में 16 बोलेरो वाहन, दो मालवाहक ट्रक और एक बस भी उपलब्ध कराई गई है।
इसके अलावा पुलिस कर्मियों के लिए 108 नए आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनका निर्माण पूरा होने के बाद कर्मचारियों को आवास सुविधा का लाभ मिलेगा। डीआईजी रजनेश सिंह ने अधिकारियों और कर्मचारियों के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित किया।

