बता दें कि इस चुनाव में क्षेत्र क्रमांक-3 के अंतर्गत आने वाले गांवों के मतदाताओं ने सरल-सहज और मिलनसार छवि वाले युवा नेता अजय कंवर की सेवा भावना को प्राथमिकता दी है। सावित्री कंवर के लिए भाजपा के प्रति समर्पित अजय ने पार्टी से समर्थन और टिकट की मांग की थी लेकिन उन्हें नकारते हुए इस बार भी टिकट से वंचित कर दिया गया तब अजय कंवर ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का मन बनाया और अपने साथी मित्रों के साथ चुनाव प्रचार अभियान में जुटे रहे। अजय कंवर के राजनीतिक गुरु के रूप में लखन गोस्वामी के द्वारा पूरे चुनाव का संचालन किया गया। लखन गोस्वामी के अलावा उनकी पूरी टीम द्वारा सावित्री अजय कंवर का सहयोग किया गया जिसमें मुख्य रूप से महेंद्र महतो, संजीव शर्मा , फिरतन विश्वकर्मा, विरेंद्र शुक्ला, सरोज रात्रे का इस चुनाव में महत्वपूर्ण योगदान रहा।
जनता का आभार जताया, सदैव तत्पर रहने का वादा
छात्र राजनीति के समय से ही सक्रिय और लोगों के सुख-दु:ख में काम आने वाले अजय कंवर ने क्षेत्र के सभी मतदाताओं और चुनाव में प्रत्यक्ष- अप्रत्यक्ष सहयोग देने वालों के प्रति आभार प्रकट किया है।
सावित्री कंवर ने कहा है कि जनता ने उन्हें जो स्नेह और आशीर्वाद प्रदान किया है, तो उनकी सेवा में किसी तरह की कमी नहीं रखी जाएगी और संपूर्ण क्षेत्र क्रमांक 3 के विकास के लिए वे सदैव तत्पर होकर मार्गदर्शन प्राप्त करते हुए कार्य करेंगे।

