मुंगेली (ट्रैक सिटी)। आज दिनांक 06.07.20224 को पशुधन विकास विभाग जिला मुंगेली द्वारा होटल सिंह इंटरनेशनल – मुंगेली मे पशुजन्य रोग एवं पशु चिकित्सकों की भूमिका विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजन किया गया। जिसमें कलेक्टर राहुल देव एवं जिला पंचायात सीईओ प्रभाकर पाण्डेय मुख्य अतिथि के रूप मे उपस्थित हुए
इस आयोजन के विषय मे उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाये डॉ आर एम त्रिपाठी के द्वारा विभिन्न पहलुओ, वर्ल्ड जूनोंटिक डे क्यों मनाया जाता है, जूनोंटिक रोग क्या होते है, इनका फैलाव कैसे होता है, विभिन्न महत्वपूर्ण बीमारियो के बारे मे भी चर्चा की गई। साथ ही साथ इन रोगों से बचाव हेतु क्या क्या सावधानिया बरती जाना चाहिए जैसे महत्वपूर्ण विषय पर पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। कार्यशाला में 6 प्रमुख बीमारिया मुख्यत रेबीज, साल्मोनेलोसिस, ब्रूसेलोसिस, एन्थेक्स, जापानीज एन्सेफलाइटिस, बर्ड फ्लू के लक्षण संक्रमण के कारण और बचाव, टीकाकरण सहित अन्य जानकारिया दी गई ।
कलेक्टर राहुल देव के द्वारा मानव स्वास्थ्य के साथ ही पशु स्वास्थ्य एवं ईको सिस्टम को बनाए रखने एवं समन्वित सोच के साथ जूनोंटिक रोगों के बचाव एवं फैलाव रोकने हेतु अपने विचार साझा किए। साथ ही उनके द्वारा पशुधन विकास विभाग के द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की गई एवं जमीनी स्तर के अधिकारी कर्मचारियों को जूनोंटिक रोग से बचाव हेतु शतप्रतिशत टीकाकरण एवं लोगों के मध्य जाकर इन बीमारियो के बारे मे जागरूकता फैलाए जाने का आह्वान भी किया गया।
कार्यक्रम को जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पाण्डेय के द्वारा भी संबोधित किया गया एवं विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारियों के कार्यों की प्रसंशा करते हुए जूनोंटिक बीमारियो के रोकथाम हेतु सावधानिया बरतने हेतु आह्वान किया गया। कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ एस एम पाण्डेय अतिरिक्त उपसंचालक, एवं आभार प्रदर्शन डॉ प्रमोद नामदेव पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ के द्वारा किया गया।
इस कार्यक्रम मे कुणाल पाण्डेय तहसीलदार मुंगेली, डॉ अंकित राजपूत नायब तहसीलदार, आर के पात्रे, डॉ डी के सारस्वात, डॉ शरद केशरवानी, डॉ के पी मरावी, डॉ ओ पी बघेल, डॉ शिव पटेल, डॉ नूतन पंचखंडे, डॉ जया शास्त्री सहित बड़ी संख्या मे विभाग के सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी उपस्थित रहे। यह कार्यक्रम सुशिमा फार्माशुटिकाल औषधि कंपनी के द्वारा प्रायोजित किया गया था जिसमे उनके अधकारीगण भूपेन्द्र सिंह जादौन, राहुल यादव, विष्णु कार्पेटर का योगदान महत्वपूर्ण रहा, कार्यक्रम के अंत मे समस्त प्रतिभागियों एवं अतिथियों को स्मृति चिन्ह भी सुशिमा फार्माशुटिकाल औषधि कंपनी के द्वारा प्रदाय किया गया।