रायपुर (ट्रैक सिटी) कलेक्टर रायपुर डॉ. गौरव सिंह ने जिले के कृषकों से नैनो डीएपी का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि नैनो तकनीक आधारित यह उर्वरक किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी है, क्योंकि इससे पौधों को नाइट्रोजन और फास्फोरस आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं। परंपरागत डीएपी की तुलना में इसकी पोषक क्षमता अधिक है और लागत भी अपेक्षाकृत कम आती है। जिले में प्रोजेक्ट नैनो के तहत कृषकों को नैनो डीएपी की जानकारी के साथ इसका उपयोग करने प्रोत्साहित किया जा रहा है।
कलेक्टर ने कहा है कि इफको द्वारा नैनो यूरिया और नैनो डीएपी की 500 मिलीलीटर की प्रत्येक बोतल पर किसानों को 10 हजार रुपए का दुर्घटना बीमा प्रदान किया जाता है। इस योजना के अंतर्गत एक किसान अधिकतम 20 बोतल तक खरीद सकता है, जिससे उसे कुल 2 लाख रुपए का संकटहरण बीमा सुरक्षा कवच मिलता है। यह बीमा योजना नैनो डीएपी अथवा नैनो यूरिया की खरीद की तिथि से एक माह पश्चात प्रभावी हो जाती है और इसका प्रीमियम इफको द्वारा वहन किया जाता है। किसानों को इसके लिए किसी प्रकार का अतिरिक्त भुगतान नहीं करना होता है।
उन्होंने यह भी बताया कि किसानों को समिति से जारी परमिट की प्रति अथवा निजी रिटेलर्स से प्राप्त कैश मेमो सुरक्षित रखना चाहिए, क्योंकि यही उनकी बीमा पॉलिसी का आधार माना जाएगा। संकटहरण बीमा योजना अंतर्गत सभी प्रकार की दुर्घटनाएँ शामिल की गई हैं, हालांकि सामान्य मृत्यु की स्थिति इसमें लागू नहीं होती। कलेक्टर ने किसानों से अपील की है कि कृषि लागत को कम करने, अधिक फसल उत्पादन प्राप्त करने और साथ ही बीमा सुरक्षा का लाभ उठाने के लिए खेती में परंपरागत उर्वरक के स्थान पर नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया का उपयोग करें।

