कोरबा

बालको ने सुरक्षा को बनाया कार्य संस्कृति का आधार, ‘सुरक्षा संकल्प’ के 4 साल पूरे

 

कोरबा (ट्रैक सिटी) वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने अपनी प्रमुख मासिक सुरक्षा पहल ‘सुरक्षा संकल्प’ के चार वर्ष पूरे कर लिए हैं। यह उपलब्धि कार्यस्थल सुरक्षा और जोखिम प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने की दिशा में बालको की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है। शुरुआत से ही यह सुरक्षा सुदृढ़ीकरण, सक्रिय सहभागिता और सतत सुधार के लिए एक प्रभावी मंच के रूप में स्थापित हुई है, जो सुरक्षा प्रबंधन के प्रति बालको के प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

दिसंबर 2021 में शुरू की गई सुरक्षा संकल्प सुरक्षा को किसी स्वतंत्र गतिविधि के बजाय मूल प्रचालन अनुशासन के रूप में स्थापित है। प्रत्येक माह की पहली तारीख को आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम काउंसलिंग, खतरा आकलन, रियल-टाइम फीडबैक और सुधारात्मक कार्यों की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करता है। बीते चार वर्षों में इस पहल ने कर्मचारियों और व्यावसायिक साझेदार के बीच नियमों के पालन, जोखिम के प्रति जागरूकता और जवाबदेही को उल्लेखनीय रूप से मजबूत किया है। इसके 48वें सत्र में 1,500 से अधिक कर्मचारियों और व्यावसायिक साझेदार की भागीदारी रही, जो इसकी व्यापक सहभागिता को दर्शाती है। हर माह एक विशेष सुरक्षा विषय पर केंद्रित सत्रों के माध्यम से सार्थक चर्चाएं, ऑडिट और सुधारात्मक कदम संभव हुए हैं, जिससे संगठन में साझा जिम्मेदारी और मजबूत सुरक्षा संस्कृति विकसित हुई है।

बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक  राजेश कुमार ने कहा कि बालको में सुरक्षा हमारी ‘जीरो हार्म’ सोच पर आधारित एक निरंतर प्रतिबद्धता है। सुरक्षा संकल्प ने हमें अपने प्रचालन में सुरक्षा से जुड़े व्यवहारों को नियमित रूप से परखने और सुधारने की क्षमता को सुदृढ़ करने में मदद की है। हम केवल नियमों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कर्मचारियों में जागरूकता, जिम्मेदारी और सही मानसिकता विकसित करने पर जोर देते हैं। नियमित संवाद और तकनीक-सक्षम निगरानी के माध्यम से हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि सुरक्षा हमारी दैनिक कार्यप्रणाली का अभिन्न हिस्सा बनी रहे।

सुरक्षा संकल्प कार्यक्रम के तहत सड़क एवं यातायात सुरक्षा, संकुचित स्थानों का सुरक्षित प्रबंधन, स्वास्थ्य जागरूकता और व्यवहार आधारित सुरक्षा जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों को कवर किया जाता है। मासिक थीम के अंतर्गत 3,000 से अधिक संकुचित स्थानों का विशेष ऑडिट कर संभावित जोखिमों की पहचान की गई और उन पर त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई की गई। इसके साथ ही डिफेंसिव ड्राइविंग जैसे नियमित प्रशिक्षणों के माध्यम से चालकों को सुरक्षित संचालन के लिए जागरूक किया गया, जबकि संरचित सुरक्षा सत्रों के जरिए 250 से अधिक नए कर्मचारियों को शुरुआत से ही सुरक्षा के प्रति तैयार किया गया।

बालको ने व्यवहार आधारित सुरक्षा पहलों के साथ उन्नत तकनीकी समाधानों को एकीकृत कर निवारक निगरानी और रियल-टाइम प्रतिक्रिया व्यवस्था को और सशक्त बनाया है। एआई-सक्षम टी-पल्स (एचएसएसई) मॉनिटरिंग सिस्टम और सेंट्रलाइज्ड सिक्योरिटी ऑपरेशंस सेंटर (सीएसओसी) के माध्यम से ऑन-ग्राउंड गतिविधियों, यातायात और सप्लाई चेन की प्रभावी निगरानी की जा रही है, वहीं कोल यार्ड में हॉट स्पॉट डिटेक्शन सिस्टम संभावित जोखिमों की समय रहते पहचान सुनिश्चित करता है।

संयंत्र परिसर में एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (एडीएएस) और ड्राइवर मॉनिटरिंग सिस्टम (डीएमएस) जैसी उन्नत प्रणालियों से वाहन सुरक्षा को मजबूती मिली है, जबकि विश्व मधुमेह दिवस पर प्रशिक्षण व जांच तथा मानसिक स्वास्थ्य काउंसलिंग जैसे स्वास्थ्य प्रयासों से कर्मचारियों के समग्र कल्याण को बढ़ावा दे रहे हैं। साथ ही ‘सेफ्टी स्टूअर्ड्स’ पहल के माध्यम से शॉप-फ्लोर कर्मचारियों और व्यावसायिक साझेदार को सुरक्षा नेतृत्व के लिए सशक्त किया जा रहा है, जिससे सुरक्षा बालको में एक नीति से आगे बढ़कर संगठनात्मक संस्कृति और दैनिक जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा बन रही है।

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