Korba/Track city. सरकार एक तरफ 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने की तैयारी कर रही है एवं महिला सशक्तिकरण का नारा लगा रही है दूसरी तरफ मिशन क्लीन सिटी (सफाई मित्र) सफाई कर्मचारी, आंगनबाड़ी, आशा कर्मी, स्कीम वर्कर, के तौर पर कार्यरत महिलाओं के श्रम का जबरदस्त शोषण कर रही है। मिशन क्लीन सिटी (सफाई मित्र) में लगभग 90% महिला कार्यरत हैं सभी सफाई मित्रों को समय से नहीं मिल रहा वेतन (सफाई मित्र) सुबह 7:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक ड्यूटी करते हैं और सरकार इनके कार्य को पार्ट टाइम कार्य बोलती है और इन कर्मचारियों से तीसो दिन कार्य करवाया जाता है एवं साप्ताहिक अवकाश, हॉलीडे नहीं दिया जाता है जो की एक अमानवीकृत है और क्रीम भी है।, न्यूनतम वेतन, पीएफ, ईएसआई एवं सामाजिक सुरक्षा नहीं दिया जाता है सूचना के अधिकार से मिली जानकारी के अनुसार मिशन क्लीन सिटी कर्मचारियों को निकाय द्वारा सिलवाकर वर्दी, गम बूट , मोजा ,रबर एवं कॉटन के दस्ताने, मास्क दिया जाना चाहिए लेकिन नहीं दिया जा रहा है।
प्रतिमाह मिशन क्लीन सिटी (सफाई मित्र) को अस्पताल में स्वास्थ्य परीक्षण करने का प्रावधान है लेकिन हर महीने स्वास्थ्य परीक्षण नहीं कराया जाता है और इलाज नहीं होने के कारण कई बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। यह सारी सुविधा मिलनी चाहिए परंतु अधिकारियों की मिली भगत के कारण इन सुविधाओं से वंचित हो रहे हैं। मुझे खुशी है कि कोरबा जिले से श्रम मंत्री जी हैं और इस पर त्वरित करवाई करेंगे।
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