कोरबा

राजस्व वसूली पर आयुक्त के कड़े तेवर, बडे़ बकायादारों के नाम होंगे सार्वजनिक, साथ ही सम्पत्ति, भवन, दुकान होंगे सील।

आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने राजस्व वसूली कार्यप्रगति की समीक्षा की, कम वसूली पर हुए नाराज, बकायादारों पर नियमों के तहत कड़ी कार्यवाही किए जाने, अधिकारियों को दिए निर्देश

कोरबा (ट्रैक सिटी)। नगर पालिक निगम कोरबा के बडे़ बकायादारों द्वारा यदि तत्काल बकाया कर राशि निगम कोष में जमा नहीं कराई जाती तो उनके नाम सार्वजनिक किए जाएंगे, तथा उनकी सम्पत्ति, भवन व दुकान आदि को सील किया जाएगा। आज आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने निगम की राजस्व वसूली कार्यप्रगति की समीक्षा करते हुए करों की कम वसूली पर गहरी नाराजगी जताई तथा जिन बकायादारों द्वारा बकाया कर की राशि जमा नहीं कराई जा रही है, उन पर नियमों के तहत कड़ी कार्यवाही किए जाने, सम्पत्तियों को सील किए जाने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने आज नगर पालिक निगम कोरबा के मुख्य प्रशासनिक भवन साकेत स्थित सभाकक्ष में अपर आयुक्त विनय मिश्रा, उपायुक्त नीरज कौशिक, सम्पत्तिकर अधिकारी अनिरूद्ध सिंह एवं निगम के राजस्व निरीक्षकों, उपनिरीक्षकों, सहायक राजस्व निरीक्षकों की उपस्थिति में राजस्व वसूली कार्याे की समीक्षा की। इस दौरान उन्होने सम्पत्तिकर, समेकित कर, जलकर, शिक्षा उपकर, भवन, दुकान किराया सहित अन्य विभिन्न मदों के अंतर्गत प्राप्त होने वाले राजस्व के वसूली की कार्य प्रगति की जानकारी ली तथा वर्तमान तक की गई कर वसूली एवं बकाया कर राशि की जोनवार, वार्डवार विस्तार से समीक्षा की। उन्होने राजस्व अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि विगत वर्षो की बकाया कर राशि सहित वर्तमान वर्ष की कर राशि की वसूली में अपेक्षित तेजी लाएं, बकायादारों से सतत संपर्क कर बकाया राशि निगम कोष में जमा करवाएं।

आयुक्त पाण्डेय ने अधिकारियों से कहा कि निगम के विकास व निर्माण कार्यो तथा नागरिक सेवाओं व सुविधाओं की निरंतर उपलब्धता बनाए रखने के लिए आवश्यक है कि करदाताओं से निगम को प्राप्त होने वाले राजस्व की प्राप्ति नियमित रूप से हो तथा करों का भुगतान निगम कोष में समय पर किया जाए। आयुक्त श्री पाण्डेय ने बकाया कर राशि की कम वसूली होने पर गहरी नाराजगी जाहिर की तथा बडे़ बकायादारों की सूची तैयार कर नामों को सार्वजनिक करनें तथा उनकी सम्पत्ति, भवन, दुकान आदि को सील करने की नियमानुसार कार्यवाही त्वरित रूप से किए जाने के निर्देश राजस्व अधिकारियों को दिए।

निगम के टेण्डर के लिए अयोग्य घोषित होंगे बकायादार

बैठक के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आया कि निगम के बडे़ बकायादारों में ऐसे लोग भी शामिल हैं जो निगम में ठेकेदारी करते हैं तथा निगम से लगातार नियमित रूप से भुगतान भी प्राप्त करते हैं, किन्तु उनके द्वारा सम्पत्तिकर व जलकर की राशि को निगम कोष में जमा नहीं कराया जा रहा, इसे गंभीरता से लेते हुए आयुक्त श्री पाण्डेय ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निगम में ठेकेदारी करने वाले ऐसे लोग जो बकायादार हैं, उनके द्वारा करों का भुगतान निगम को नहीं किया जा रहा है, ऐसे लोगों को निगम कीे टेण्डर प्रक्रिया में भाग लेने के लिए अयोग्य घोषित करने की कार्यवाही सुनिश्चित कराएं।

करों का भुगतान समय पर कर विकास में अपना सहयोग दें

आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने निगम के बकायादारों, करदाताओं से अपील करते हुए कहा है कि वे निगम को देय करों की बकाया राशि तथा वर्तमान वर्ष की कर राशि का भुगतान निगम को करें तथा शहर के विकास व नागरिक सेवाओं एवं सुविधाओं की निरंतर उपलब्धता बनाए रखने में निगम को अपना सहयोग दें।

बैठक के दौरान अपर आयुक्त विनय मिश्रा, उपायुक्त नीरज कौशिक, राजस्व अधिकारी अनिरूद्ध सिंह, सहायक राजस्व अधिकारी सुमित गुप्ता, राजस्व निरीक्षक अविनाश जायसवाल, अजय कुमार अग्रवाल, संजय सिंह, दिलेश्वर सिंह, रथराम राठौर, प्रिंस सिंह, पुखराज यादव, भावेश यादव, श्रवण झा, मनोज साहू, सत्यप्रकाश राठौर, आदि के साथ सभी सहायक राजस्व निरीक्षक, उपनिरीक्षक व राजस्व विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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