कोरबा

रेलवे ट्रैक निर्माण सामग्री गबन प्रकरण में कोरबा पुलिस ने की बड़ी कार्यवाही-दो आरोपी गिरफ्तार

मामले में आंतरिक संलिप्तता हुई उजागर

कोरबा (ट्रैक सिटी) सार्वजनिक क्षेत्र के वृहद उपक्रम कोल् इंडिया की अनुसांगिक कंपनी एसईसीएल बिलासपुर के अधीन कोरबा-पश्चिम क्षेत्र में स्थापित एवं संचालित खुले मुहाने की गेवरा कोयला परियोजना अंतर्गत एसईसीएल की मेगा परियोजना क्षेत्र में गेवरा रोड से पेंड्रा रोड के मध्य नई विद्युतीकृत डबल रेलवे लाइन निर्माण कार्य में उपयोग होने वाली सामग्री के गबन संबंधी एक गंभीर प्रकरण में कोरबा पुलिस द्वारा गहन जांच उपरांत प्रभावी कार्यवाही की गई है।
जांच उपरांत इस सनसनीखेज प्रकरण में शिवाकृति इंटरनेशनल लिमिटेड कंपनी द्वारा थाना कटघोरा में शिकायत प्रस्तुत की गई थी, जिसमें रेलवे साइड सिंघिया एवं सुतर्रा स्थित स्टोर से लोहे के स्लीपर एवं अन्य सामग्री के गायब होने की शिकायत दर्ज करा गई थी। उक्त शिकायत पर जिस पर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी से दिशा-निर्देश प्राप्त कर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कोरबा लखन पटले व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कटघोरा नीतिश ठाकुर के मार्गदर्शन में एसडीओपी कटघोरा विजय सिंह राजपूत के द्वारा शिकायत जांच किया जा रहा था।
इस मामले के सन्दर्भ में कोरबा पुलिस के द्वारा अधिकृत जानकारी देते हुए बताया गया कि जांच के दौरान कंपनी के कर्मचारियों, गार्डों एवं अन्य संबंधित व्यक्तियों से विस्तृत पूछताछ की गई। जांच में यह तथ्य स्पष्ट हुआ कि घटना किसी भी प्रकार की हथियारबंद लूट या बाहरी डकैती की नहीं है, बल्कि यह मामला संस्था के भीतर कार्यरत व्यक्तियों द्वारा पद का दुरुपयोग कर की गई आंतरिक गबन से संबंधित है। जांच के आधार पर थाना कटघोरा में आधार पर थाना कटघोरा में अपराध क्रमांक 43/2026, धारा 316(5), 317(2), 317(3), 3(5) बी.एन.एस. के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।
उक्त जांच पश्चात तथ्य सामने आया कि जेसीबी ऑपरेटर द्वारा अपने पद का दुरुपयोग करते हुए विगत कई महीनों से रेलवे निर्माण सामग्री को चोरी कर कबाड़ी को बेचकर अवैध लाभ अर्जित किया गया। एक अन्य व्यक्ति राहुल सिंह मरकाम द्वारा भी इस कृत्य में संलिप्तता पाई गई। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ कर्मचारियों को भ्रामक जानकारी देने हेतु दबाव बनाया गया, जिससे प्रारंभिक स्तर पर घटना को बाहरी लूट के रूप में दर्शाने का प्रयास किया गया।
पुलिस द्वारा आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त जेसीबी वाहन, रेलवे लोहे के स्लीपर के टुकड़े एवं नगद राशि जप्त की गई है, जिसकी कुल अनुमानित कीमत 25,06,000/- रुपये बताई गयी है।
पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। प्रकरण में अन्य संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच जारी है। कोरबा पुलिस द्वारा स्पष्ट किया गया है कि रेलवे संपत्ति एवं सार्वजनिक परियोजनाओं से संबंधित किसी भी प्रकार के गबन, विश्वासघात अथवा आपराधिक कृत्य के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाएगी।

 

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