कोरबा

लोन दिलाने के नाम पर साइबर ठगी करने वाला आरोपी गिरफ्तार।

सजग कोरबा – सतर्क कोरबा अभियान के तहत साइबर थाना कोरबा की बड़ी कार्रवाई।

*यूट्यूब से सीखे साइबर ठगी के तरीके, लोगों को बैंक लोन का झांसा देकर करता था धोखाधड़ी* 

*विभिन्न व्यक्तियों के नाम पर सिम कार्ड लेकर करता था साइबर अपराध, साक्ष्य मिटाने के लिए बाद में कर देता था नष्ट* 

*आरोपी के कब्जे से ₹27,070/- नगद बरामद कर जप्त किया गया।* 

कोरबा (ट्रैक सिटी)/ पुलिस अधीक्षक कोरबा सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले एवं नगर पुलिस अधीक्षक कोरबा प्रतीक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में संचालित “सजग कोरबा – सतर्क कोरबा” अभियान के अंतर्गत साइबर पुलिस थाना कोरबा प्रभारी निरीक्षक ललित चंद्रा एवं साइबर टीम के द्वारा साइबर ठगी के एक प्रकरण में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर ठगी की राशि बरामद की गई है।

साइबर पुलिस थाना कोरबा में पंजीबद्ध अपराध क्रमांक 04/2026 के अंतर्गत धारा 318(4), 319(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) एवं धारा 66(c), 66(d) सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत विवेचना की जा रही थी। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आरोपी लोगों को बैंक से आसान किस्तों पर लोन दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगी की घटनाओं को अंजाम देता था।

विवेचना में यह भी ज्ञात हुआ कि आरोपी विभिन्न व्यक्तियों को अपने प्रभाव में लेकर उनके नाम पर सिम कार्ड प्राप्त करता था तथा उन्हीं सिम कार्डों का उपयोग साइबर अपराध करने में करता था। घटना के बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से संबंधित सिम कार्डों को नष्ट कर देता था।

जांच के दौरान आरोपी पुष्पेन्द्र कुमार मेहर (उम्र 25 वर्ष), पिता योगेन्द्र मेहर, निवासी ग्राम सेमरा, थाना डबरा, जिला शक्ति (छ.ग.), हाल मुकाम रिस्दी, थाना बालको, जिला कोरबा से पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने वर्ष 2023 में भी एक व्यक्ति को लोन दिलाने का झांसा देकर उसके खाते से ₹40,000/- की धोखाधड़ी की थी।

दिनांक 22.06.2026 को आरोपी ने रूमगढ़ा चौक क्षेत्र में व्यवसाय करने वाली महिला नोनी बाई यादव को मात्र ₹11,000/- मासिक किश्त पर ₹5,00,000/- का लोन दिलाने का प्रलोभन दिया। आरोपी ने महिला के मोबाइल में संचालित डिजिटल भुगतान माध्यम (PhonePe) का उपयोग कर ₹40,500/- की राशि एक अन्य व्यक्ति के बैंक खाते में ट्रांसफर करवा दी। आरोपी ने पूर्व में ही उक्त खाताधारक को भी लोन दिलाने का झांसा देकर उसका QR कोड प्राप्त कर रखा था। राशि ट्रांसफर होने के बाद आरोपी संबंधित व्यक्ति के साथ बैंक पहुंचा और खाते से नकद राशि निकलवाकर अपने कब्जे में ले ली।

आरोपी के कब्जे ठगी की राशि में से ₹27,070/- (सत्ताईस हजार सत्तर रुपये) नगद बरामद कर विधिवत जप्त किया गया।

आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। प्रकरण में आरोपी की अन्य साइबर अपराधों में संभावित संलिप्तता के संबंध में विस्तृत जांच जारी है।

*पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका* 

उक्त प्रकरण के सफल निराकरण एवं आरोपी की गिरफ्तारी में साइबर पुलिस थाना कोरबा प्रभारी ललित कुमार चंद्रा, उप निरीक्षक अजय सोनवानी, प्रधान आरक्षक गुनाराम सिन्हा, आरक्षक डेमन ओगरे, आरक्षक वीरकेश्वर प्रताप सिंह, आरक्षक आलोक टोप्पो, आरक्षक सुशील यादव, आरक्षक श्याम सिदार, आरक्षक संजू सिंह एवं महिला आरक्षक रेणु टोप्पो की महत्वपूर्ण एवं सराहनीय भूमिका रही।

♦️ कोरबा पुलिस की अपील

कोरबा पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी प्रकार के लोन, निवेश योजना अथवा ऑनलाइन ऑफर के संबंध में अज्ञात व्यक्तियों के झांसे में न आएं। किसी भी डिजिटल माध्यम से राशि हस्तांतरित करने से पूर्व संबंधित संस्था एवं व्यक्ति की सत्यता का पूर्ण सत्यापन अवश्य करें।

साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।

सजग रहें • सतर्क रहें • सुरक्षित रहें

Editor in chief | Website |  + posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button