बिलासपुर/ट्रैक सिटी: देश की रक्षा में समर्पित हमारे वीर सैनिकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने के पावन उद्देश्य से, आर्य समाज, आर्य धर्मशाला न्यास, दयानंद सेवाधाम द्वारा “सिपाही रक्षा सूत्र संकलन” कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस पूर्व सैनिक संगठन “सिपाही” विशेष पहल के अंतर्गत श्रावण मास के पवित्र रक्षाबंधन पर्व पर सैनिकों को रक्षा सूत्र, संवेदना से भरा पत्र एवं तिलक हेतु देश की पवित्र मिट्टी भेजकर उनके प्रति प्रेम, आभार और आत्मीयता प्रकट की गई। यह रक्षा सूत्र उन वीर सैनिक भाइयों को हमारी एकता, सुरक्षा और विश्वास का प्रतीक स्वरूप समर्पित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व शारीरिक संगठन “सिपाही”,पूर्व सैनिक महासभा के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह राणा ने की। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम संपूर्ण प्रदेश ही नहीं, बल्कि राष्ट्रव्यापी स्तर पर चलाया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत 21 लाख रक्षा सूत्र हमारे फौजी भाइयों तक पहुँचाने का संकल्प लिया गया है। कई बहनें अपने फौजी भाईयों को रक्षा बंधन भेजती हैं पर लाखों की संख्या में भेजे गए रक्षा बंधन समय पर लॉजिस्टिक के बंधनों के कारण नहीं पहुँच पाते हैं. जबकि इस अभियान के अंतर्गत रक्षा सूत्र सीधे सेना मुख्यालय पहुंचाये जाते हैं जहां से बोर्डर पर तैनात फौजी भाईयों तक समय पर पहुँच पाते हैं.
श्री राणा ने बताया कि हमारे वे सैनिक भाई, जो निरंतर देश की सुरक्षा में समर्पित रहते हैं, उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए हम रक्षा सूत्र समर्पित कर रहे हैं। इस रक्षा सूत्र को भेजने की सरल विधि भी बताई गई – एक साधारण लिफाफे में रक्षा सूत्र, तिलक के लिए मिट्टी तथा फौजी भाइयों के नाम एक भावपूर्ण संदेश लिख कर रखना है और आर्य समाज, गोंडपारा तक पहुंचाना है।
उन्होंने यह भी अवगत कराया कि यह कार्यक्रम प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर आयोजित किया जाएगा, जहाँ विभिन्न तिथियों पर रक्षा सूत्र एकत्रित किए जाएँगे। आगामी 17 जुलाई को प्रजापति ब्रह्मा कुमारीज में रक्षा सूत्र संकलन होगा और 26 जुलाई को युद्ध स्मारक सीएमडी चौक में सिपाही रक्षा सूत्र का संकलन किया जाएगा। 26 जुलाई को पूर्व सैनिक संगठन “सिपाही” का अभियान ऑपरेशन सिपाही-रक्षासूत्र दिल्ली सेना मुख्यालय के लिए रवाना हो जाएगा।
इस पूर्व सैनिक संगठन सिपाही के “सिपाही रक्षासूत्र संकलन “की शुरुआत आर्य समाज दयानंद सेवाधाम, अशोकनगर से की गई, जहाँ अनेक माताओं और बहनों ने रक्षासूत्र समर्पित किए एवं पूर्व सैनिकों का तिलक कर उनका सम्मान किया। उल्लेखनीय है कि यहाँ आर्यवीर दल की शाखा भी निरंतर संचालित हो रही है, जिसका मूल उद्देश्य –
1️⃣ संस्कृति की रक्षा
2️⃣ शक्ति संचय
3️⃣ सेवा कार्य
इस अवसर पर राष्ट्रभक्ति से ओत–प्रोत बच्चों ने अपने अतिथियों के समक्ष लाठी, जूडो–कराटे, मार्शल आर्ट एवं जल–दीप का प्रदर्शन किया, जिसे देखकर पूर्व सैनिकों ने खुले दिल से सराहना की और बच्चों का उत्साहवर्धन किया। पूर्व सैनिक वारिज सिंह ने बताया कि आर्य समाज व आर्य वीरांगना दल द्वारा 5000 से अधिक रक्षा सूत्र पूर्व सैनिक संगठन “सिपाही” को समर्पित किए गए।
इस कार्यक्रम में पूर्व सैनिक संगठन “सिपाही” और सिपाही शक्ति (महिला प्रकोष्ठ) के सदस्य, आर्य समाज के सदस्य, आर्यवीर दल, आर्य वीरांगना दल, आर्य समाज महिला इकाई, आर्य धर्मशाला न्यास के सदस्य- सदस्याओं ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।
इस भावपूर्ण आयोजन ने सैनिकों के प्रति हमारे कृतज्ञता भाव को सशक्त रूप से प्रकट किया और समाज में राष्ट्रभक्ति की भावना को और प्रबल किया।

