गरियाबंद

कलेक्टर श्री छिकारा ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के साथ गंभीरतापूर्वक बोर्ड परीक्षा की तैयारी करवाने के दिये निर्देश

गरियाबंद/ कलेक्टर आकाश छिकारा के निर्देशन व जिला शिक्षा अधिकारी रमेश कुमार निषाद, डीएमसी श्री के.एस. नायक, ए पी सी मनोज केला के मार्गदर्शन में दसवीं -बारहवीं बोर्ड परीक्षा हेतु प्रश्नबैंक निर्माण हेतु कार्यशाला का आयोजन कलेक्टर सभाकक्ष गरियाबंद में किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री छिकारा ने कहा कि सभी बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ साथ बोर्ड परीक्षा कि तैयारी को सुनिश्चित करना एक ऐसा लक्ष्य है, जो विद्यार्थियों के सफलता को प्रदर्शित करता है। सभी शिक्षक ब्लू प्रिंट में दिए गए अंक के आधार पर तैयारी कराने से निश्चित ही सफलता मिलेगी। सभी शिक्षक समर्पण भाव से अध्यापन कार्य संपादित करे, जिससे विद्यार्थियों को सफलता मिलने में आसानी होगी। कलेक्टर ने कहा कि हमें ऐसे प्रश्नपत्र का निर्माण करना चाहिए जिसे कमजोर विद्यार्थी भी आसानी से हल कर सके। हमारा लक्ष्य शत प्रतिशत परीक्षा परिणाम पर होना चाहिए।
कार्यशाला में जिला शिक्षा अधिकारी रमेश कुमार निषाद ने कहा कि अध्यापन कराना भी एक कला है। सभी शिक्षक शाला में छात्र छात्राओं को समर्पण भाव के साथ पढ़ाएं ताकि परीक्षा परिणाम बेहतर हो सके। जो विद्यार्थी लगातार अनुपस्थित है उनके पालक से संपर्क कर उन्हें नियमित शाला भेजने हेतु प्रेरित करें। प्रत्येक विषय हेतु 65 विभिन्न विषय शिक्षकों की कोर कमेटी का गठन किया गया है। जो मासिक, तिमाही, अर्द्धवार्षिक एवं प्री बोर्ड पर सतत कार्य करते रहेंगे। प्रश्नबैंक निर्माण करते समय वैकल्पिक, लघुत्तरीय,अति लघुत्तरीय एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न का समावेश हो। शिक्षक भयमुक्त वातावरण का निर्माण कर अध्यापन करावे ताकि परीक्षा परिणाम अच्छा हो सके। डीएमसी श्री के.एस नायक ने कहा कि प्रश्नबैंक का निर्माण करते समय इस बात पर ध्यान दिया जावे कि सभी छात्रों के लिए उपयोगी हो एवं कमजोर बच्चे भी आसानी से समझ सके। एपीसी श्री मनोज केला ने कहा कि सभी नोडल एवं उनके सहयोगी शिक्षक एक निर्धारित समय में प्रश्नबैंक का निर्माण करते समय शब्दों, वाक्यों एवं मात्राओं की त्रुटि को सुधारकर उन्हें समग्र शिक्षा कार्यालय गरियाबंद अनिवार्य रूप से जमा करें। इस अवसर पर विभिन्न विषयों के नोडल शिक्षक सहित गरियाबंद जिले के कोर कमेटी के विषय शिक्षक उपस्थित थे।

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