कोरबा (ट्रैक सिटी)/ कोल फील्ड्स लिमिटेड – एसईसीएल) के दीपका खदान क्षेत्र में ओवरबर्डन खनन कार्य कर रही कलिंगा कॉरपोरेशन (केसीसी) डेको कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। मजदूरों की छुट्टी और उपस्थिति को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर एवं महाप्रबंधक महेश कुमार पर कथित तौर पर लात-घूंसों से हमला कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार, केसीसी कंपनी को एसईसीएल दीपका खदान क्षेत्र में ओवरबर्डन खनन का ठेका दिया गया है। कंपनी के कार्यों के सुचारू संचालन के लिए दीपका माइंस क्षेत्र में साइट कार्यालय स्थापित किया गया है। इसी कार्यालय में मजदूरों की छुट्टी और हाजिरी को लेकर कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई।
बताया जा रहा है कि विवाद के दौरान कुछ नियोजित कर्मचारियों ने प्रोजेक्ट मैनेजर महेश कुमार पर हमला कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही दीपका थाना पुलिस तथा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स – सीआईएसएफ) की त्वरित प्रतिक्रिया टीम (क्विक रिस्पॉन्स टीम – क्यूआरटी) मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।
प्रोजेक्ट मैनेजर महेश कुमार की शिकायत तथा कार्यालय में लगे बंद परिपथ दूरदर्शन कैमरों (क्लोज्ड सर्किट टेलीविजन – सीसीटीवी) के फुटेज के आधार पर दीपका पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर लिया है।
केसीसी कंपनी के श्रम एवं औद्योगिक संबंध प्रमुख (लेबर एंड इंडस्ट्रियल रिलेशंस हेड) एवं महाप्रबंधक विकास दुबे ने बताया कि छुट्टी को लेकर शुरू हुए विवाद को कुछ लोगों ने अनावश्यक रूप से तूल दे दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान प्रोजेक्ट मैनेजर पर हमला किया गया तथा उन पर मिट्टी का गमला भी फेंका गया, जिससे कार्यालय की एक खिड़की टूट गई।
वहीं, कंपनी के मजदूरों का कहना है कि सोमवार को दीपका क्षेत्र में आयोजित छत्तीसगढ़ी संस्कृति कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कुछ कर्मचारियों ने अवकाश लिया था। कार्यक्रम से लौटने के बाद उनकी उपस्थिति काट दी गई, जिससे नाराजगी बढ़ गई। मजदूरों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रोजेक्ट मैनेजर का व्यवहार उनके प्रति ठीक नहीं रहता, जिससे आक्रोश की स्थिति बनी।
पुलिस ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर लिए हैं और सीसीटीवी फुटेज तथा प्रत्यक्षदर्शियों के आधार पर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (भारतीय न्याय संहिता – बीएनएस) की धारा 296, 351(3), 115(2) एवं 3(5) के तहत आरोपियों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया है। मामले की विवेचना जारी है।

