कोरबा (ट्रैक सिटी)/ शहर के व्यस्त इलाके ट्रांसपोर्ट नगर स्थित नए बस स्टैंड में उस समय लोगों की भीड़ जमा हो गई, जब एक जख्मी उल्लू अचानक फल के ठेले में जा बैठा। घायल उल्लू को देख लोग हैरान रह गए और उसकी सुरक्षा को लेकर चिंता जताने लगे। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम के अध्यक्ष जितेंद्र सारथी को इसकी सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही जितेंद्र सारथी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और पूरी सावधानी एवं सतर्कता के साथ घायल उल्लू का सुरक्षित रेस्क्यू किया। रेस्क्यू के बाद उल्लू को प्राथमिक उपचार दिया गया और उसे सुरक्षित स्थान पर रखा गया है, जहां उसके स्वस्थ होने तक देखभाल की व्यवस्था की जा रही है।
रेस्क्यू के दौरान जितेंद्र सारथी ने उल्लू के पर्यावरणीय महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उल्लू खेतों और बस्तियों में चूहों की संख्या को नियंत्रित कर फसलों की रक्षा करता है। यह प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि उल्लू या किसी भी वन्यजीव को नुकसान पहुंचाना न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि इससे पर्यावरण को भी गंभीर क्षति पहुंचती है।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि यदि कहीं भी कोई घायल या भटका हुआ वन्यजीव दिखाई दे, तो उसे नुकसान न पहुंचाएं और तुरंत वन विभाग या रेस्क्यू टीम को सूचना दें। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 8817534455 एवं 7999622151 पर संपर्क किया जा सकता है।
इस सराहनीय और समय पर किए गए रेस्क्यू से एक बार फिर यह संदेश गया है कि जागरूकता और त्वरित कार्रवाई से कई वन्यजीवों को नया जीवन मिल सकता है।

