कोरबा (ट्रैक सिटी) कोरबा अंचल अंतर्गत जिला अस्पताल परिसर में चिन्हित पेड़ों की कटाई के साथ ही आई हॉस्पिटल का निर्माण कार्य भी शुरू हो जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक टेंडर पहले से हो चुका है, ऐसे में जमीन से बाधा हटते ही ड्राइंग-डिजाइन के आधार पर तेजी से कार्य करते हुए इस साल के अंत तक आई हॉस्पिटल तैयार कर लिया जाएगा।
मेडिकल कॉलेज संबद्ध जिला अस्पताल परिसर में लगभग 1.92 लाख की लागत से 40 बिस्तर के आई हॉस्पिटल बनेगा। निर्माण एजेंसी सीजीएमएससी ने इसके लिए जो जगह तय की, वहां पर इमारती पेड़ों के होने से 7 माह बाद भी कार्य शुरू नहीं हो सका। इसके लिए सीजीएमएससी ने 7 माह पहले वन विभाग से उक्त पेड़ों की कटाई की अनुमति के लिए पत्र लिखा, लेकिन डिमांड राशि जमा करने के बाद भी प्रक्रिया अटकी हुई थी। सीजीएमएससी व मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के प्रयास के बाद हाल में ही जिला अस्पताल परिसर में चिन्हित पेड़ों की काटने की अनुमति मिल गई। आई हॉस्पिटल बनने के बाद नेत्र विभाग का ओपीडी व आईपीडी वहां शिफ्ट कर दिया जाएगा। आई हॉस्पिटल के बाद आई बैंक भी खुलने का रास्ता साफ हो जाएगा।
भविष्य में कॉर्निया ट्रांसप्लांट भी हो सकेगी। सीजीएमएससी द्वारा जिला अस्पताल परिसर में सामने की ओर क्रिटिकल केयर ब्लॉक का निर्माण कराया जा रहा है। वहीं आई हॉस्पिटल के लिए पेड़ कटने के बाद निर्माण कार्य होगा। अस्पताल के पीछे हिस्से में टीबी विभाग के पुराने कंडम भवन और नए भवन के बीच की जमीन चिन्हित की गई है। इस तरह अस्पताल परिसर में लगातार रिक्त जमीन पर अस्पताल और अन्य विभाग के लिए निर्माण कार्य हो रहे हैं। जिले में आंखों से संबंधित बीमारी के मरीजों की संख्या भी पहले से ज्यादा दर्ज हो रही है। मेडिकल कॉलेज संबद्ध जिला अस्पताल के रिकार्ड के अनुसार प्रतिदिन औसतन 50-60 मरीज नेत्र विभाग में जांच व इलाज कराने पहुंचते हैं, इसलिए शासन से 40 बिस्तर के आई हॉस्पिटल के निर्माण की स्वीकृति मिली। हॉस्पिटल सर्वसुविधायुक्त बनेगा, जहां ओपीडी व आईपीडी का संचालन होगा। वहीं आंख के ऑपरेशन के लिए अलग से ऑपरेशन थियेटर होगा।

