कोरबा (ट्रैक सिटी)/ कोरबा केवल एक औद्योगिक शहर नहीं है, यह छत्तीसगढ़ की ऊर्जा राजधानी है, हजारों श्रमिकों, किसानों, आदिवासियों और आम नागरिकों की आजीविका का आधार है। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण सच्चाई यह है कि आज यही कोरबा, बालको क्षेत्र में संचालित वेदांता कंपनी की मनमानी, लापरवाही और जनविरोधी नीतियों का शिकार बनता जा रहा है। इसी अन्याय के खिलाफ वेदांता भगाओ, बालको बचाओ अभियान के तहत विशाल धरना आंदोलन आयोजित किया गया है। उक्त बातें प्रेस क्लब तिलक भवन में आयोजित पत्रकारवार्ता के दौरान जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने कही। उन्होंने कहा कि बालको संयंत्र की स्थापना के समय स्थानीय लोगों से विकास, रोजगार और समृद्धि के वादे किए गए थे। लेकिन वर्षों बाद आज हकीकत यह है कि स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं, बल्कि बेरोजगारी मिली, स्वच्छ पर्यावरण नहीं, बल्कि जहरीली हवा, प्रदूषित पानी और बीमारियों मिली, और सुरक्षित जीवन नहीं, बल्कि विस्थापन, असुरक्षा व भय मिला है। सबसे गंभीर मुद्दा है। बालको क्षेत्र में वायु, जल और ध्वनि प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है। राखड़ डंप, कोयला परिवहन और औद्योगिक उत्सर्जन से आम नागरिकों का स्वास्थ्य लगातार बिगड़ रहा है। दमा, त्वचा रोम, आँखों की बीमारियों और कैंसर जैसी गंभीर समस्याएँ बढ़ रही हैं, लेकिन कपनी मुनाफे के आगे मानव जीवन को गौण समझ रही हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय युवा आज भी रोजगार के लिए भटक रहे हैं, जबकि बालको में बाहरी ठेकेदारों और मजदूरों को प्राथमिकता दी जा रही हैं। यह न केवल सामाजिक अन्याय है, बल्कि संविधान की भावना के भी खिलाफ है। स्थानीय संसाधनों पर पहला अधिकार स्थानीय लोगों का होना चाहिए।शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा, पेड़ों की अंधाधुंध कटाई और पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी यह दर्शाती है कि कंपनी कानून से ऊपर खुद को समझने लगी है। अगर यही रवैया जारी रहा, तो आने वाली पीढ़ियों को न तो स्वच्छ हवा मिलेगी, न पानी और न ही सुरक्षित भविष्य। श्री जोगी ने कहा कि मजदूरों की स्थिति भी चिंताजनक है। ठेका प्रथा, असुरक्षित कार्य परिस्थितियों, न्यूनतम मजदूरी का उल्लंघन और सामाजिक सुरक्षा का अभाव ये सब बालको क्षेत्र की सच्चाई बन चुके हैं। जो मजदूर इस उद्योग को चलाते हैं, वहीं सबसे ज्यादा शोषित हैं। यह किसी भी सभ्य समाज के लिए स्वीकार्य नहीं हो सकता।
वेदांत प्रमुख अनिल अग्रवाल के सुपुत्र को लेकर पूर्व विधायक अमित जोगी ने कहा, इंसानियत सबसे ऊपर है मैं उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। वही उन्होंने कहा एक माह का अल्टीमेटम देकर चला जाऊंगा। अभी खटिया लेकर बालको जाऊंगा। लेकिन एक माह के अंदर बालको प्रबंधन हमारी मांगे नहीं मानी तो खटिया खड़ी करने फिर से आऊंगा। उन्होंने कहा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई जी ने कहा था कि जहां के राजा व्यापारी हो, वहां की जनता भिखारी बन जाती है।कोरबा जिले में भी राजनेता व्यापारी हो गए हैं। और राजधर्म नहीं निभा रहे हैं। उन्होंने कहा यहां के राजा व्यापारी हैं, प्रजा को भिखारी होना पड़ेगा। उन्होंने कहा एनटीपीसी, बालको, लैंको अडानी हो या कोई भी संस्थान, एक ही समूह का होने जा रहा है। अभी जनता जागरुक नहीं हुई तो छत्तीसगढ़ अडानी गढ़ बन जाएगा। वहीं उन्होंने कहा मुख्यमंत्री से लेकर मंत्रियों तक का हाथ पैर बांध दिए गए हैं, और गांधी जी के बंदर बना दिए हैं, छत्तीसगढ़ सरकार को गुजरात के तीन लोग चला रहे हैं। वहीं उन्होंने कहा सीबीआई, ईडी, ईओडब्ल्यू, के माध्यम से विपक्ष के लोगों को परेशान करते हुए जांच कराई जा रही है। क्या भाजपा के लोग दूध के धुले हैं। वहीं उन्होंने बड़ी बात कहते हुए छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को असली फाईटर बताया।
