कोरबा

ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में कोरबा में 600 मेडिकल स्टोर बंद, बाइक रैली निकालकर जताया विरोध।

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कोरबा (ट्रैक सिटी)/ ऑनलाइन दवा बिक्री और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित प्रिसक्रिप्शन व्यवस्था के विरोध में बुधवार को जिलेभर के दवा व्यापारियों ने एक दिवसीय बंद रखा। छत्तीसगढ़ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर कोरबा जिले के करीब 600 मेडिकल स्टोर बंद रहे। इनमें थोक और फुटकर दोनों प्रकार की दवा दुकानें शामिल रहीं। दवा व्यापारियों ने बाइक रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया और सरकार तक अपनी मांग पहुंचाने का प्रयास किया।

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जिला औषधि विक्रेता संघ के अध्यक्ष उमेश सिरोठिया ने बताया कि ऑनलाइन दवा बिक्री और भारी छूट की वजह से स्थानीय मेडिकल स्टोर्स का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि दवा दुकानों के संचालन के लिए कई नियमों और अर्हताओं का पालन करना पड़ता है तथा प्रशिक्षित फार्मासिस्ट की उपस्थिति अनिवार्य होती है, जबकि ऑनलाइन फार्मेसी व्यवस्था में इन नियमों की अनदेखी हो रही है।

व्यापारियों का कहना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रतिबंधित और संवेदनशील दवाओं की बिक्री को बढ़ावा मिल रहा है। कई मामलों में वैध डॉक्टर प्रिस्क्रिप्शन की जांच भी नहीं की जाती, जिससे दवाओं के दुरुपयोग की आशंका बढ़ रही है। संगठन ने मांग की है कि एनडीपीएस और अन्य प्रतिबंधित दवाओं की ऑनलाइन बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाई जाए।

दवा व्यापारियों के आंदोलन को कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT), चेंबर ऑफ कॉमर्स और कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ का भी समर्थन मिला। संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि यह केवल दवा व्यापार का मुद्दा नहीं, बल्कि छोटे व्यापारियों और स्थानीय बाजार को बचाने की लड़ाई है।

देशव्यापी हड़ताल को देखते हुए छत्तीसगढ़ खाद्य एवं औषधि प्रशासन भी अलर्ट मोड पर रहा। प्रशासन ने मरीजों को दवाओं की कमी न हो, इसके लिए जनऔषधि केंद्रों, धन्वंतरी मेडिकल स्टोर्स, सरकारी अस्पतालों, नर्सिंग होम और अन्य वैकल्पिक माध्यमों से आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जिले के सरकारी अस्पतालों में भी जरूरी दवाओं का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया गया।

दवा विक्रेता संघ ने चेतावनी दी है कि यदि ऑनलाइन दवा बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

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