कोरबा(ट्रैक सिटी)। छत्तीसगढ़ राज्य अशासकीय विद्यालय प्रबंधक संघ, जिला कोरबा के बैनर तले गुरुवार को जिले के निजी स्कूल संचालक कलेक्ट्रेट पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। संघ ने पाठ्यपुस्तकों के वितरण में हो रही लगातार देरी को विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताते हुए पाठ्यपुस्तक निगम के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत 16 जून से हो चुकी है, लेकिन अब तक अधिकांश विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध नहीं हो सकी हैं। उनका आरोप है कि पिछले सत्र 2025-26 में भी निगम की लापरवाही के कारण कई विषयों की पुस्तकें सत्र समाप्त होने तक नहीं मिल सकी थीं। इस वर्ष भी सरकारी स्कूलों में पुस्तकों का वितरण अधूरा है, जबकि निजी विद्यालयों के लिए 21 जुलाई तक वितरण की व्यवस्था बनाई गई है, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होगी।
ज्ञापन में कहा गया है कि बोर्ड परीक्षाएं फरवरी में प्रस्तावित हैं। ऐसे में समय पर पुस्तकें उपलब्ध नहीं होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी प्रभावित होगी। संघ ने मांग की कि दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए तथा पूर्व की तरह निजी विद्यालयों को भी संकुल स्तर पर समय पर पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएं।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि 5 जुलाई तक निजी विद्यालयों को संकुल स्तर पर पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध नहीं कराई गईं तो प्रदेशभर के निजी विद्यालय संचालक, शिक्षक और पालक राजधानी रायपुर में व्यापक आंदोलन करेंगे। संघ का कहना है कि यह आंदोलन पूरी तरह विद्यार्थियों के हित में है और राज्य सरकार से शीघ्र हस्तक्षेप की अपेक्षा की जा रही है।
