कोरबा

धान के बदले अन्य फसल लेने वाले किसानों को अन्य फसलों के लिए दिया जा रहा ऋण

किसानों को ऋण देने शिविर का किया जा रहा आयोजन

 

समितियों में खाद बीज का भी किया जा रहा पर्याप्त भण्डारण

कोरबा/शासन के द्वारा धान के बदले अन्य फसल लेने वाले कृषकों को कृषि ऋण का सुविधा उपलब्ध कराया जा रहा है। धान के बदले अन्य फसल लेने वाले किसानों को अन्य फसलों हेतु खाद, बीज नगद में एवं कृषि सामग्री हेतु ऋण उपलब्ध कराया जा रहा हैं। किसानों को ऋण उपलब्ध कराने हेतु सहकारी समितियों में 18 जून तक शिविर आयोजित किए जायेंगे। ऐसे सभी किसानों को धान की फसल परिवर्तन करने पर ली जाने वाली अन्य फसलों जैसे कोदो ,उड़द, मूंग, अरहर के बीज समितियों के माध्यम से उपलब्ध कराया जा रहा है। कृषि विभाग के मैंदानी अधिकारियों के द्वारा लगातार किसानों से संपर्क कर उन्हें फसल परिवर्तन करने एवं अन्य फसलों हेतु कृषि ऋण दिलाने हेतु राजीव गांधी योजना का व्यापक प्रचार प्रसार किया जा रहा है। शासन द्वारा धान के बदले अन्य फसलों को बढ़ावा देने के संबंध में जिले को 21 हजार 229 हेक्ट. का लक्ष्य प्रदाय किया गया है। जिले को प्रदाय लक्ष्य को पूर्ण करने के लिए कृषि विभाग का मैंदानी अमला योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने में पूरी तरह से जुट गया है। योजना हेतु इच्छुक सभी किसानों से विभाग द्वारा सहमति पत्र भरवाया जा रहा है।
उप संचालक कृषि अनिल शुक्ला ने बताया कि छ.ग. शासन के द्वारा कृषि में पर्याप्त निवेश एवं कास्त लागत में राहत देने कृषि आदान सहायता हेतु राजीव गांधी किसान न्याय योजना लागू की गई है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना का संचालन फसल विविधिकरण, फसल क्षेत्राच्छादन, फसल उत्पादन को प्रोत्साहित करने एवं कृषि आदान सहायता हेतु किया जा रहा है। वर्ष 2022-23 में राजीव गांधी किसान न्याय योजनांतर्गत धान के बदले अन्य फसल हेतु जिले में एक हजार 990 किसानों के द्वारा कुल 1004.070 हेक्टेयर रकबे हेतु सहमति दे दी गई है। योजनांतर्गत धान के साथ-साथ कृषि एवं उद्यानिकी के उत्पादक कृषकों को नौ हजार रूपये प्रति एकड़ आदान सहायता राशि एवं ऐसे कृषक जो गत वर्ष धान विक्रय किए गए रकबे में सामान्य धान के स्थान पर सुगंधित धान, फोर्टिफाइड धान, कृषि एवं उद्यानिकी की अन्य फसलें अथवा वृक्षारोपण करता है तो उसे प्रति एकड़ 10 हजार रूपये दी जावेगी। वृक्षारोपण करने वाले कृषकों को लगातार 3 वर्षों तक आदान सहायता के रूप में 10 हजार रूपये प्रति एकड़ प्रदाय किया जाएगा।

समितियों में पर्याप्त मात्रा में खाद बीज का किया जा रहा भण्डारण – समितियों में धान के अलावा अन्य फसलों के बीज एवं खाद भी पर्याप्त मात्रा में समिति में भण्डारित किया जा रहा है। उप संचालक कृषि अनिल शुक्ला ने बताया कि समितियों में अभी तक धान बीज 10 हजार 179 क्विंटल, कोदो 59 क्विंटल, अरहर 84 क्विंटल, उडद 11 क्विंटल एवं मूंग बीज 21 क्विंटल का भण्डारण किया जा चुका है। इसी प्रकार यूरिया खाद तीन हजार 10 टन, डीएपी 739 टन, एमओपी 190 टन, एसएसपी एक हजार 175 टन एवं एनपीके खाद एक टन का भण्डारण किया जा चुका है। उपसंचालक कृषि श्री शुक्ला द्वारा बताया गया कि समितियों में धान के अलावा कोदो, अरहर, उड़द, मूंग सन एवं ढेंचा (कृषि विभाग द्वारा) का भण्डारण किया गया है जो कि कृषकों के लिए नगद में उपलब्ध है।

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