कोरबा

ननकीराम ने ठीक से दिखाई नहीं देने और चलने की समस्या बताई,

अपर कलेक्टर ने तत्काल उपलब्ध कराया स्मार्ट स्टिक, आंखो का भी ईलाज करने के दिए निर्देश

अपर कलेक्टर विजेंद्र पाटले ने जनचौपाल में सुनी आमजनों की समस्याएं

जनचौपाल में 89 आवेदन हुए प्राप्त

कोरबा 10 जनवरी,(ट्रैक सिटी न्यूज़) अपर कलेक्टर विजेंद्र पाटले ने कलेक्टोरेट सभा कक्ष में आयोजित जनचौपाल में आमजनों की समस्याएं सुनी और त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। जनचौपाल में आज 89 लोगों ने आवेदन प्रस्तुत किए। जनचौपाल में आज कोरबा तहसील अंतर्गत बुधवारी निवासी ननकी राम सारथी ने दोनों आंख से ठीक से दिखाई नहीं देने की समस्या बताई। उन्होंने बताया कि उस पर अपने छह साल के भांजे की भी जिम्मेदारी है। आंखो से संबंधित समस्याओं की जानकारी देते हुए ननकी राम सारथी ने अपर कलेक्टर विजेंद्र पाटले के समक्ष मदद की गुहार लगाई। इसे गंभीरता से लेते हुए अपर कलेक्टर ने समाज कल्याण विभाग को निर्देशित कर ननकी राम को चलने के लिए तत्काल स्मार्ट स्टिक दिलाई और उसके आंखों का ईलाज कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया। अपर कलेक्टर के निर्देश पर ननकी राम को जनचौपाल में ही कम्बल का भी वितरण भी किया गया। वहीं उसके भांजे के पढ़ाई-लिखाई का इंतजाम कराने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। जनचौपाल में तहसील पोड़ी-उपरोड़ा के ग्राम पोड़ी-उपरोड़ा के ही रहने वाले महेश राम गोड़ ने अपर कलेक्टर के समक्ष आवेदन देते हुए कहा कि उसके पूर्वज पोड़ी-उपरोड़ा में निवासरत् थे। साथ ही 1950 में स्कूल का दाखिल खारिज भी है लेकिन मिशल नहीं होने के कारण उसका व उसके बच्चों का जाति प्रमाण पत्र बनाने में अड़चन आ रही है। महेश राम के आवेदन पर अपर कलेक्टर विजेंद्र पाटले ने जाति प्रमाण पत्र बनाने के लिए पोड़ी-उपरोड़ा तहसीलदार को निर्देशित किया। इसी तरह हरदीबाजार तहसील अंतर्गत ग्राम अहमगांव निवासी मनोज सिंह, त्रिलोक सिंह, पत्थर सिंह, दुबराज सिंह ने जनचौपाल में शिकायत करते हुए कहा कि उसकी जमीन एसईसीएल गेवरा खदान के लिए अर्जित कर ली गई है। लेकिन 2016 से उनका मुआवजा लंबित है। मुआवजा भुगतान के लिए अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। मुआवजा की मांग पर अपर कलेक्टर ने एसईसीएल गेवरा प्रबंधन को आवश्यक कार्यवाही के लिए निर्देशित किया है।


जनचौपाल में ग्राम नरईबोध जेलपारा निवासी शांतिबाई रत्नाकर ने बताया कि वह एक पैर से दिव्यांग है। जिसके कारण आजीविका चलाने में दिक्कत हो रही है। इसे देखते हुए उसने शासन की योजना के तहत किराना दुकान लगाने के लिए आर्थिक सहयोग की मांग रखी। उपरोक्त मांग पर अपर कलेक्टर ने संबंधित विभाग को आवश्यक सहयोग करने के लिए निर्देशित किया। उपरोक्त आवेदनों के अलावा जनचौपाल में जमीन नामांतरण, बटवारा, सीमांकन, बिजली समस्या, बेजा कब्जा, आंगनबाड़ी भवन, राशन कार्ड बनाने की मांग सहित अन्य आवेदन आये जिसका संबंधित विभागों को निराकरण के लिए निर्देशित किया गया।

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