कोरबा

मूल स्वभाव, पूर्ण मनोयोग व सतत सकारात्मक कार्य सफलता के लिए बेहद जरूरी

भारत सरकार युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा स्वच्छता कार्ययोजना पर एक दिवसीय कार्यशाला

कोरबा/ युवा प्रभाव तथा अभाव में जीवन न बिताएं. इससे वे दुखी रहेंगे उन्हें अपने मूल स्वभाव में मन को नियंत्रित कर जीने की कला सीखनी चाहिए हमें वास्तविक खुशी तब प्राप्त होती है जब हम पूर्ण मनोयोग और सकारात्मक भाव से सेवा के कार्य करते हैं। मन से स्वच्छ रहकर ही शरीर व परिवेश को स्वच्छ बनाया जा सकता है जिसकी जिम्मेदारी आज के युवाओं की है।

यह बातें स्वच्छता कार्य योजना 2021-22 के अंतर्गत स्वच्छ भारत स्वस्थ्य मानस विषय पर कमला नेहरू महाविद्यालय कोरबा में आयोजित एक दिवसीय स्वच्छता कार्यशाला में नगर पालिक निगम कोरबा के अपर आयुक्त खजांची कुम्हार ने स्वयंसेवकों के समक्ष व्यक्त किए। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार के क्षेत्रीय निदेशालय भोपाल के निदेर्शानुसार कोरबा जिले के राष्ट्रीय सेवा योजना स्वयंसेवकों को स्वच्छता अभियान 2.0 से जोड़ने के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया था जिसका प्रारंभ रासेयो प्रतीक पुरुष स्वामी विवेकानंद के तेल चित्र पर माल्यार्पण दीप प्रज्ज्वलन तथा छत्तीसगढ़ की राजकीय गीत के सामूहिक गान से हुआ। विषय विशेषज्ञ के रूप में निगम के पूर्व स्वास्थ्य अधिकारी व्ही के सारस्वत ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि स्वच्छता एक गंभीर विषय है जब तक प्रत्येक व्यक्ति के मन में स्वच्छता के प्रति आग्रह व संवेदना नहीं होगी समाज में ऊंचे आयाम स्थापित करना कठिन होगा उन्होंने युवाओं से आवाहन किया कि आप स्वयं तथा अपने आसपास के लोगों को स्वच्छता के विविध आयामो से परिचित करवाएं। स्वच्छाग्रही युवाओं को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य अधिकारी डॉ संजय तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने युवाओं के माध्यम से पूरे देश में स्वच्छ भारत मिशन तथा स्वच्छता ही सेवा अभियान की 2014 में शुरूआत की थी हमने उसमें अपने दृढ़ निश्चय से सफलता पाई है यदि युवक घर से निकलने वाले अपशिष्ट को कम करें तथा उसका उचित निस्तारण करने की आदत बना ले तो इससे समाज में बहुत बड़ा परिवर्तन लाया जा सकता है। स्वच्छता अभियान की सफलता में 80 प्रतिशत योगदान युवाओं का है स्वच्छता अभियान आज स्किल डेवलपमेंट के साथ रोजगार व स्टार्टअप का महत्वपूर्ण माध्यम बन गया है उन्होंने इस दिशाओं में युवाओं को कार्य करने के लिये प्रेरित किया। स्वच्छता कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ प्रशांत बोपापुरकर ने कहा कि स्वच्छता का प्रगटीकरण हमारे मन की भावनाओं तथा व्यवहार से भी परिलक्षित होना चाहिए प्रारंभ में जो चीजें असंभव दिखाई देती हैं यदि युवा पूर्ण मनोयोग व सकारात्मक शक्ति से कार्य करते हैं तो वे अपेक्षित परिणाम अवश्य प्राप्त कर सकते हैं। कार्यशाला के आयोजन में कमला नेहरू महाविद्यालय कोरबा के कार्यक्रम अधिकारी जी एम उपाध्याय, पीजी कॉलेज कोरबा के डॉ बीएल साय एवं श्रीमती अमोला कुर्राम, अग्रसेन कन्या महाविद्यालय की श्रीमती गौरी वानखेडे, मिनीमाता कन्या महाविद्यालय से डॉ श्रीमती डेजी कुजुर, कोरबा स्कूल के प्रभात शर्मा, जमनीपाली के अनिल पाल, पाली लाफा के महावीर प्रसाद चंद्रा, डाइट के श्री गौरव शर्मा, महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ सुनील तिवारी, अंग्रेजी विभाग के अध्यक्ष बृजेश तिवारी के अलावा वरिष्ठ स्वयंसेवक शनिदेव खुटे, जयप्रकाश पटेल, शाश्वत शर्मा, शिवम श्रीवास, स्वाति राठौर, मनीता कंवर, राजेन्द्र यादव, पूजा गुप्ता, पायल यादव, जसवंत बरेठ, अंकिता पात्रे इत्यादि स्वयंसेवकों का सक्रिय योगदान रहा।

स्वच्छ भारत स्वस्थ मानस विषय पर सक्रिय है मंत्रालय

भारत सरकार युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय रासेयो क्षेत्रीय निदेशालय भोपाल विगत तीन वर्षों से स्वच्छ भारत स्वस्थ मानस विषय पर युवाओं को स्वच्छाग्रही के रूप में समाज मे कार्य करते हुए सेवा देने के लिए प्रेरित रही है। इसी कड़ी में वर्ष 2019 में कमला नेहरू महाविद्यालय कोरबा में स्वच्छता जागरूकता पर कार्यशाला का आयोजन किया गया था। इन कार्यशालाओं के माध्यम से स्वच्छता व स्वच्छता सर्वेक्षणों का महत्व, प्रदूषण बढ़ने के कारण ग्लोबल वार्मिंग के खतरे, दैनिक उपयोग की चीजों में पाए जाने वाले हानिकारक तत्वों आदि के संबंध में युवाओं को जानकारी मिलती है जिससे बचने की दिशा में वे कार्य करने के लिये प्रेरित होते हैं।

चित्रकला व स्वच्छता प्रश्नोत्तरी में प्रतिभा प्रदर्शन

शिविर में सहभागी स्वयंसेवकों के लिए स्वच्छ भारत स्वस्थ मानस विषय पर चित्रकला का आयोजन किया गया जिसमें कु रितु श्रीवास प्रथम, प्रीति साहू द्वितीय, तथा सुचित्रा नायक ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। स्वच्छता प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में जिले की विभिन्न रासेयो इकाइयों के 90 स्वयंसेवकों ने भाग लिया, जिसमें कमला नेहरू महाविद्यालय कोरबा के अमृत लाल ने प्रथम, अग्रसेन महाविद्यालय की छात्रा चंद्रमुखी पांडेय ने द्वितीय तथा देवांश कुमार तिवारी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया जिन्हें समापन समारोह के मुख्य अतिथि खजांची कुम्हार तथा उपस्थित अतिथियों ने प्रतीक चिन्ह व प्रशस्ति पत्र भेंटकर सम्मानित किया।

रासेयो क्षेत्रीय निदेशालय भोपाल के निदेशक ए एस कबीर, युवा अधिकारी दीपेंदर उपाध्याय अटल बिहारी वाजपेयी विवि के कार्यक्रम समन्वयक डॉ मनोज सिन्हा के मार्गदर्शन व राष्ट्रीय सेवा योजना के जिला संगठक वाय के तिवारी के नेतृत्व में आयोजित एक दिवसीय स्वच्छता कार्यशाला में कमला नेहरू महाविद्यालय कोरबा, शा ई वी पीजी महाविद्यालय, मिनीमाता कन्या महाविद्यालय, श्री अग्रसेन कन्या महाविद्यालय, शासकीय उच्चतर माध्यमिक बालक कोरबा, पीडब्ल्यूडी रामपुर, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जमनीपाली, पाली लाफा व डाइट कोरबा के 120 से अधिक स्वयंसेवकों व कार्यक्रम अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यशाला में उपस्थित युवाओं ने यह प्रतिज्ञा ली कि वे स्वच्छ मन से स्वच्छ परिसर, स्वस्थ समाज बनाने तथा अपने युवा कौशल से प्राकृतिक संसाधनों को दीर्घजीवी बनाने में योगदान देंगे।

व्ही के सारस्वत का किया सम्मान
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ प्रशांत बोपापुरकर तथा जिला संगठक वाय के तिवारी ने नगरपालिक निगम के पूर्व स्वास्थ्य अधिकारी व्ही के सारस्वत जी का शॉल श्रीफल तथा प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया।

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