रायपुर(ट्रैक सिटी)/ अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस हर साल 29 जुलाई को मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य बाघों के संरक्षण और उनके प्राकृतिक आवासों को बचाने के प्रति दुनिया भर में जागरूकता बढ़ाना है l बाघ हमारे पर्यावरण और जंगल के संतुलन को बनाए रखने के लिए बहुत जरूरी हैं। lअवैध शिकार और वनों की कटाई के कारण बाघों की जान को खतरा है, जिसे रोकने के लिए यह दिन प्रेरित करता है।
*वन्यजीव, जैव विविधता एवं प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना*
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप की पहल पर इंद्रावती टाइगर रिजर्व, बीजापुर एवं नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी, छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में 29 जुलाई 2026 (अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस) के अवसर पर ‘रन फॉर इंद्रावती’ मैराथन का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन का उद्देश्य युवाओं, विद्यार्थियों और आम नागरिकों में बाघ, वन्यजीव, जैव विविधता एवं प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
यह मैराथन केवल खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि इंद्रावती टाइगर रिजर्व और वहां की समृद्ध जैव विविधता के संरक्षण के लिए जनभागीदारी और सामूहिक संकल्प का प्रतीक होगी।
*दो श्रेणियों में होगी मैराथन*
प्रतियोगिता 10 किलोमीटर और 5 किलोमीटर की दो श्रेणियों में आयोजित की जाएगी। पुरुष एवं महिला वर्ग के विजेताओं को नकद पुरस्कार और प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे। 10 किलोमीटर दौड़ में प्रतिभागियों को प्रथम पुरस्कार 7 हजार रुपए, द्वितीय पुरस्कार 5 हजार रुपए और तृतीय पुरस्कार 4 हजार रुपए एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे। वहीं 5 किलोमीटर दौड़ में प्रथम पुरस्कार 5 हजार रुपए, द्वितीय पुरस्कार 4 हजार रुपए और तृतीय पुरस्कार 3 हजार रुपए एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे।
*ऑनलाइन पंजीयन अनिवार्य*
इच्छुक प्रतिभागी पोस्टर पर दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन कर ऑनलाइन पंजीयन कर सकते हैं। पंजीयन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही किया जाएगा। सभी प्रतिभागियों से समय रहते अपना पंजीयन पूरा करने की अपील की गई है।
*सुबह 7 बजे होगी मैराथन की शुरुआत*
‘रन फॉर इंद्रावती’ मैराथन 29 जुलाई को प्रातः 7 बजे इंदिरा स्टेडियम, बीजापुर से प्रारंभ होगी। प्रतिभागियों को चेस्ट नंबर का वितरण सुबह 5:30 बजे से 6:30 बजे तक किया जाएगा।
*प्रकृति संरक्षण के लिए बढ़ाएं एक कदम*
आयोजकों ने प्रदेश के युवाओं, विद्यार्थियों, खिलाड़ियों, वन्यजीव प्रेमियों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर इस आयोजन को सफल बनाने का आह्वान किया है कि अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस पर ‘रन फॉर इंद्रावती’ से जुड़ें और बाघों, वन्यजीवों तथा प्रकृति संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं।

