(ट्रैक सिटी)/ छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग एवं समग्र शिक्षा के निर्देशानुसार प्रधानमंत्री स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया (पीएमश्री) योजना अंतर्गत विज्ञान एवं गणित विषय के शिक्षकों का पांच दिवसीय प्रशिक्षण भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) भिलाई में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। “साइंस एंड टेक्नोलॉजी फॉर सस्टेनेबिलिटी” थीम पर आयोजित इस प्रशिक्षण में राज्यभर से चयनित 148 शिक्षकों ने सहभागिता की।
प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों का क्षमता विकास करते हुए उन्हें आधुनिक तकनीकों एवं नवाचारों से जोड़ना रहा, ताकि वे नई शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं व्यवहारिक शिक्षा प्रदान कर सकें। कार्यक्रम में पीएमश्री राज्य प्रभारी आशीष गौतम के मार्गदर्शन में शिक्षकों को स्मार्ट लैब, 3डी प्रिंटर, नेचर लैब, गूगल क्लासरूम, ड्रोन टेक्नोलॉजी, साइबर साइकोलॉजिकल इंपैक्ट एवं ऑनलाइन प्लेटफॉर्म आधारित शिक्षण पद्धतियों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही प्रतिभागियों को आईआईटी भिलाई की अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं का अवलोकन भी कराया गया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर सभी प्रतिभागी शिक्षकों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए तथा शिक्षकों ने प्रशिक्षण के अपने अनुभव साझा करते हुए इसे अत्यंत उपयोगी बताया। इस दौरान अनुराग जॉन एस्कॉट, श्वेता सिंह एस्कॉर्ट, अभिषेक सहारे (जोन लीडर दुर्ग), नितेश शर्मा (जोन लीडर रायपुर), पारुल ओझा (जोन लीडर बिलासपुर), अमरीन (जोन लीडर सरगुजा) एवं नोहर देवांगन (जोन लीडर बस्तर) की विशेष उपस्थिति रही।
कोरबा जिले के ये शिक्षक हुए शामिल
जारी सूची के अनुसार कोरबा जिले से भी चयनित शिक्षकों ने प्रशिक्षण में भाग लिया। इनमें स्वामी आत्मानंद शासकीय स्कूल बालको की प्रज्ञा शास्त्री (गणित), स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय पोंडी उपरोड़ा की पूनम राय (गणित), स्वामी आत्मानंद हिंदी-अंग्रेजी माध्यम स्कूल तिलकेजा की नीतू नारायण मिश्रा (जीवविज्ञान), स्वामी आत्मानंद हिंदी-अंग्रेजी माध्यम स्कूल बांकीमोंगरा की दीक्षा गुप्ता (जीवविज्ञान), स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल दीपका की वर्षा दानसेना (जीवविज्ञान), स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल करतला की शालिनी हरदहा पटेल (भौतिकी) तथा एकलव्य संयुक्त उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चुरकिला के मनोज कुमार (जीवविज्ञान) शामिल हैं।
पीएमश्री योजना का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को प्रभावी रूप से लागू करते हुए स्कूलों को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित करना है, जहां डिजिटल लर्निंग, स्मार्ट क्लास, ग्रीन स्कूल, खेल एवं कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा दिया जा सके। इस प्रशिक्षण से शिक्षकों को नई तकनीकों के साथ जोड़ते हुए शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है।

