कोरबा (ट्रैक सिटी)/ राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली तथा छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के निर्देशानुसार 14 मार्च 2026 को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाना है। इसी क्रम में जिला न्यायालय कोरबा, तहसील विधिक सेवा समितियाँ कटघोरा, करतला एवं पाली तथा समस्त राजस्व न्यायालयों में भी नेशनल लोक अदालत का आयोजन सुनिश्चित किया जाएगा।
आगामी लोक अदालत में राजीनामा योग्य आपराधिक प्रकरण, बैंक संबंधी मामलों, लिखत पराक्रम्य अधिनियम की धारा 138 से संबंधित प्रकरणों, वसूली के प्रकरणों, मोटर दुर्घटना दावा प्रकरणों तथा अन्य व्यवहार वादों को शामिल किया जाएगा। विशेष रूप से पाँच से दस वर्ष से अधिक समय से लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर समझौता हेतु प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
नेशनल लोक अदालत के सफल आयोजन की तैयारी के उद्देश्य से संतोष शर्मा, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा (छ.ग.) द्वारा न्यायिक अधिकारियों की द्वितीय बैठक जिला न्यायालय परिसर स्थित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष में आयोजित की गई। बैठक में आगामी लोक अदालत में अधिकतम प्रकरणों को शामिल करने तथा प्रभावी रूप से निराकरण सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
बैठक में प्रथम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश कोरबा गरिमा शर्मा, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश (एफ.टी.एस.सी.-पॉक्सो) कोरबा डॉ. ममता भोजवानी, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश (एफ.टी.सी.) कोरबा सुश्री सीमा प्रताप चंद्रा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोरबा कु. मयुरा गुप्ता, तृतीय व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी कोरबा सत्यानंद प्रसाद, द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी कोरबा कु. डॉली ध्रुव, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी कोरबा कु. कुमुदनी गर्ग तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा के सचिव उपस्थित रहे।
बैठक में यह निर्देशित किया गया कि आगामी नेशनल लोक अदालत को सफल बनाने के लिए अधिक से अधिक मामलों को सूचीबद्ध किया जाए तथा लंबित प्रकरणों के त्वरित और सौहार्दपूर्ण निराकरण के लिए आवश्यक कदम सुनिश्चित किए जाएँ, जिससे न्यायिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी एवं सरल बनाया जा सके।

