Korba

कोरबा पुलिस ने हत्या के मामले का किया खुलासा।

लेमरू थाना क्षेत्र में घटित हत्याकांड का पुलिस ने सफलतापूर्वक किया पर्दाफाश।

*पत्नी ने ही अपने पति की पत्थर से कुचलकर की थी हत्या*

नाम आरोपिया:

अमासो तिर्की, पति स्व. जयप्रकाश तिर्की, उम्र 40 वर्ष, निवासी कुटुरुवा, पलोटी नगर, थाना लेमरू, जिला कोरबा (छ.ग.)

अपराध क्रमांक: 12/2025

धारा: 103(1) भारतीय न्याय संहिता (BNS)

कोरबा (ट्रैक सिटी)/ संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि मर्ग क्रमांक 05/2025 धारा 194 बीएनएसएस के अंतर्गत मृतक जयप्रकाश तिर्की की मृत्यु की जांच की गई। मर्ग जांच के दौरान घटनास्थल का निरीक्षण किया गया एवं मृतक के परिजनों के कथन लिए गए। संदेहास्पद परिस्थितियां होने के कारण मृतक का पोस्टमार्टम जिला चिकित्सालय, कोरबा में कराया गया।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि मृतक की मृत्यु किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा कठोर वस्तु से सिर में गंभीर चोट पहुंचाने के कारण हुई है। रिपोर्ट के आधार पर धारा 103(1) BNS के तहत अज्ञात आरोपी के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

घटना की सूचना प्राप्त होते ही पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी (भा.पु.से.) द्वारा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीतिश ठाकुर, साइबर सेल एवं यातायात प्रभारी रविंद्र कुमार मीना (भा.पु.से.) तथा अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) कोरबा भूषण एक्का के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी लेमरू को त्वरित कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया।

वरिष्ठ अधिकारियों से प्राप्त दिशा-निर्देशों के पालन में साइबर सेल टीम तथा थाना लेमरू पुलिस द्वारा सघन विवेचना की गई। इस दौरान मृतक की पत्नी अमासो बाई से हिकमतअमली से पूछताछ की गई। पूछताछ में उसने बताया कि उसका पति उस पर चरित्र को लेकर शंका करता था तथा मोबाइल में फिल्में देखकर आपत्तिजनक हरकतें करता था। मना करने पर गाली-गलौज एवं मारपीट करता था, जिससे तंग आकर वह घर से बाहर नाले की ओर जा रही थी। इसी दौरान दोनों में विवाद हुआ, जिसमें मृतक द्वारा गला दबाने की कोशिश की गई, जिसके बाद उसे धक्का देने पर उसका सिर पत्थर से टकरा गया और वह गिर गया। इसके बाद आरोपिया ने सिर को पकड़कर पत्थर में दो-तीन बार पटका, जिससे उसकी मृत्यु हो गई।

आरोपिया द्वारा अपराध स्वीकार करने एवं घटना के दिन पहने हुए कपड़े प्रस्तुत करने पर उन्हें साक्षियों के समक्ष जप्त किया गया। आरोपिया को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा हेतु माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

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