जांजगीर-चांपा (ट्रैक सिटी)/ जिले में आयोजित शिवरीनारायण मेला के दौरान पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ मानवीय संवेदनशीलता का भी उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया है। मेले में उमड़ी भारी भीड़ के बीच बिछुड़ने वाले बच्चों को सुरक्षित उनके परिजनों तक पहुंचाने के लिए पुलिस द्वारा विशेष सहायता केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जो जरूरतमंदों के लिए भरोसे का केंद्र बनकर उभरे हैं।
मेला क्षेत्र में बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने परिवार के साथ पहुंच रहे हैं, जिनमें महिलाएं और छोटे बच्चे भी शामिल हैं। भीड़भाड़ के कारण कई बार बच्चे अपने परिजनों से अलग हो जाते हैं। ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए पुलिस ने मेला परिसर में सहायता केंद्र स्थापित किए हैं, जहां तैनात महिला आरक्षक और पुलिस स्टाफ लापता बच्चों को सुरक्षित संरक्षण में रखते हैं और उन्हें भावनात्मक सहारा भी देते हैं।
पुलिस द्वारा बच्चों के परिजनों का पता लगाने के लिए लाउडस्पीकर, माइक अनाउंसमेंट और कंट्रोल रूम के माध्यम से तत्काल सूचना प्रसारित की जाती है। त्वरित सूचना तंत्र और समन्वित कार्रवाई के चलते अब तक 80 लापता बच्चों को सकुशल उनके परिवारों से मिलाया जा चुका है। बच्चों से दोबारा मिलकर परिजनों ने राहत की सांस ली और पुलिस की इस संवेदनशील पहल के प्रति आभार जताया।
पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि मेले में अपने बच्चों पर विशेष नजर रखें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत निकटतम पुलिस सहायता केंद्र या ड्यूटी में तैनात पुलिस कर्मियों से संपर्क करें, ताकि समय रहते मदद उपलब्ध कराई जा सके।

