कोरबा

नहरों की मरम्मत के लिए 88 करोड़ रुपए के 35 कार्यों की मंजूरी।

कोरबा (ट्रैक सिटी)/ कोरबा जिलान्तर्गत स्थापित बांगो बांध में 79.93 प्रतिशत पानी का भराव है। इसके बाद भी नहर लाइनिंग की मरम्मत कराने रबी में सिंचाई का रकबा घटाकर 25 हजार हेक्टेयर कर दिया गया है। दोनों नहरों की मरम्मत के लिए 88 करोड़ रुपए के 35 कार्यों की मंजूरी मिली है। इनमें से करीब 50 करोड़ रुपए का टेंडर हो चुका है। अभी दांयीं तट नहर में 1596 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।

बांगो बांध से खरीफ में सिंचाई क्षमता 2 लाख 47 हजार 400 हेक्टेयर है। रबी की सिंचाई क्षमता 1 लाख 73 हजार हेक्टेयर है। बायीं तट नहर की लाइनिंग टूट चुकी है। इसकी वजह से नहर के फूटने का डर बना रहता है। इसकी मरम्मत के लिए 48 करोड़ की मंजूरी मिली है। इसी तरह अकलतरा शाखा नहर की मरम्मत के लिए 34 करोड़ रुपए और जांजगीर शाखा नहर के लिए 9.44 करोड़ रुपए के 5 कार्य मंजूर है। बायीं तट नहर की मरम्मत करने ही रबी में पानी नहीं देने का निर्णय लिया है। दांयीं तट नहर से 25 हजार हेक्टेयर में सिंचाई के लिए पानी दिया जा रहा है।

20 अप्रैल तक ही दिया जाएगा पानी

पिछले वर्ष 50 हजार हेक्टेयर में पानी देने का लक्ष्य तय था, लेकिन 88 हजार हेक्टेयर में सिंचाई हुई थी, जो परियोजना बनने के बाद सबसे अधिक रहा है। दूसरी ओर अभी भी कई कार्यों का टेंडर नहीं होने से काम शुरू नहीं हो सका है। दर्री बराज संभाग में 3 के बजाय एक काम ही चल रहा है। इस साल 20 अप्रैल तक सिंचाई के लिए पानी दिया जाएगा।

लिफ्ट इरीगेशन नहीं बनने से 7600 हेक्टेयर रकबा हुआ कम

बांगो बांध बनने के समय खरीफ में सिंचाई क्षमता 2 लाख 55 हजार हेक्टेयर तय की गई थी। इसमें परसाही लिफ्ट इरीगेशन भी शामिल था, लेकिन बांध बनने की 34 साल बाद भी इसकी मंजूरी ही नहीं मिल पाई। इसकी फिर से प्रक्रिया चल रही है। इसी वजह से 7600 हेक्टेयर रकबा कम कर दिया है।

खरीफ में 1.40 लाख हेक्टेयर में की गई थी सिंचाई

कोरबा सर्किल में खरीफ में 1 लाख 40 हजार 366 हेक्टेयर का सिंचाई का लक्ष्य निर्धारित किया था। इसके तहत जांजगीर-चांपा जिले में 1 लाख 26 हजार 355 हेक्टेयर, कोरबा जिले में 4950 हेक्टेयर और सक्ती जिले में 9 हजार 61 हेक्टेयर में सिंचाई हुई थी। बाकी क्षेत्र खरसिया सर्किल में आता है, जहां की सिंचाई क्षमता 1 हेक्टेयर है।

गर्मी में दिया जाएगा पानी

गर्मी के समय पानी की समस्या को देखते हुए हर साल तालाबों को भरने पानी छोड़ा जाता है। इस साल भी अप्रैल में दोनों नहरों में पानी दिया जाएगा। हालांकि दांयीं नहर में सिंचाई के लिए पानी देने की वजह से इसकी जरूरत नहीं पड़ेगी। बांयीं तट नहर में 20 दिनों तक पानी छोड़ा जाएगा।

बांगो में चार साल में इस साल अधिक पानी भराव

वर्ष जलस्तर (मीटर में) 2023 355.82

2024 353.77

2025 352.18

2026 356.18

नोट:-बांधकी क्षमता 359.66 मीटर।

नहरों की मरम्मत कराने से बढ़ेगा सिंचाई का रकबा

हसदेव बांगो परियोजना के अधीक्षण अभियंता एस.एल. द्विवेदी ने बताया की बांगो बांध से पूरी क्षमता के साथ सिंचाई करने ही नहरों की मरम्मत कराई जा रही है। इसी वजह से रबी का रकबा कम हुआ है। आने वाले दिनों में सिंचाई में कोई परेशानी नहीं होगी।

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