बिलासपुर

महिला सशक्तिकरण में उल्लेखनीय कार्य के लिए श्रद्धा महिला मंडल को मिला शक्ति सम्मान 2026

सुप्रसिद्ध अभिनेत्री एवं पूर्व मिस यूनिवर्स सुश्री सुष्मिता सेन के करकमलों से श्रद्धा महिला मण्डल अध्यक्षा श्रीमती शशि दुहन ने ग्रहण किया सम्मान

बिलासपुर (ट्रैक सिटी)/ महिला सशक्तिकरण और सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही श्रद्धा महिला मंडल को प्रतिष्ठित आईबीसी24 ‘शक्ति सम्मान’ 2026 से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान सुप्रसिद्ध अभिनेत्री, पूर्व मिस यूनिवर्स एवं समाजसेविका सुश्री सुष्मिता सेन के करकमलों से प्रदान किया गया, जिसे मंडल की अध्यक्षा एवं एसईसीएल परिवार की प्रथम महिला श्रीमती शशि दुहन ने ग्रहण किया।

साऊथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) परिवार की महिलाओं द्वारा संचालित श्रद्धा महिला मंडल वर्ष 2006 से कोयलांचल क्षेत्र में सामाजिक सरोकारों के साथ सक्रिय है। संस्था ने विशेष रूप से महिलाओं और वंचित वर्गों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस पहलें की हैं।

मंडल द्वारा संचालित कार्यक्रमों में कौशल विकास प्रमुख है, जिसके तहत महिलाओं को सिलाई, कंप्यूटर और अन्य प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगारोन्मुख बनाया जा रहा है। इसके अलावा, आजीविका के साधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सिलाई मशीन, हाथ ठेले, राइस मिल और ई-रिक्शा जैसे संसाधनों का वितरण भी किया जा रहा है, ताकि लाभार्थी स्थायी आय के स्रोत विकसित कर सकें।

शिक्षा के क्षेत्र में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को छात्रवृत्ति, स्कूल किट और साइकिल उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे उनकी पढ़ाई में निरंतरता बनी रहे। स्वास्थ्य सेवाओं के अंतर्गत गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए आर्थिक सहायता और स्वास्थ्य जागरूकता शिविर भी आयोजित किए जाते हैं। वहीं पर्यावरण संरक्षण के तहत वृक्षारोपण और स्वच्छता अभियान नियमित रूप से चलाए जा रहे हैं।

इस अवसर पर श्रद्धा महिला मंडल की अध्यक्षा श्रीमती शशि दुहान ने कहा,“यह सम्मान हमारे सामूहिक प्रयासों की पहचान है। श्रद्धा महिला मंडल आगे भी महिलाओं और जरूरतमंद वर्गों के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध रहेगा। यह उपलब्धि हम सभी के लिए एक साझा जीत है।”

श्रद्धा महिला मंडल समाज के हर वर्ग, विशेषकर महिलाओं को आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन की ओर अग्रसर करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। सेवा और संवेदना के साथ आगे बढ़ते हुए मण्डल ने यह साबित किया है कि संगठित प्रयासों से सामाजिक बदलाव संभव है।

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