Korba

मुख्यमंत्री की मंशानुरूप शासकीय सस्थानों में अधोसरंचना विकास के किए जा रहे सतत कार्य।

डीएमएफ से 03 करोड़ की लागत से 25 आश्रम छात्रावासों में अधीक्षक आवास का होगा निर्माण।

*आदिवासी बालक-बालिका, आश्रम-छात्रावासों में बच्चों को मिलेगा सुरक्षित माहौल*

*छात्रावासों में अधीक्षकों की स्थायी उपस्थिति होगी सुनिश्चित, बच्चों को हर समय मार्गदर्शन और मिलेगी सुरक्षा*

कोरबा (ट्रैक सिटी)/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशन में छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के शासकीय संस्थानों के अधोसंरचना विकास की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में कोरबा जिले में बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा और समग्र विकास को प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन द्वारा एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है।

कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन के मार्गदर्शन और कलेक्टर अजीत वसंत के नेतृत्व में जिले के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के 25 आदिवासी बालक-बालिका आश्रम-छात्रावासों में अधीक्षक आवास गृह निर्माण के लिए जिला खनिज संस्थान न्यास मद से 03 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। प्रत्येक आश्रम छात्रावास में अधीक्षक के आवास निर्माण हेतु 12-12 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। जिसके अंतर्गत प्री मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास माचाडोली, कोरबी-चोटिया, लैंगी, जलके, जटगा, लाफा, नोनबिर्रा, पाली, छुरी, जवाली, बिरदा, नोनबिर्रा, कोथारी, नोनदरहा व पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास कटघोरा में अधीक्षक आवास निर्माण किया जाएगा। इसी प्रकार आदिवासी कन्या आश्रम तुमान, पाली व भैंसमा, आदिवासी बालक आश्रम जेमरा, चोढ़ा, मुरली, मदनपुर, चुइया एवं आदिवासी बिंझवार बालक आश्रम कनकी में अधीक्षक आवास निर्माण कार्य शामिल है। आश्रम छात्रावासों में आवास निर्माण होने से छात्रावासों में अधीक्षकों की स्थायी उपस्थिति सुनिश्चित होगा साथ ही बच्चों की सुरक्षा को भी सुदृढ़ होगी। अधीक्षक की उपस्थिति से छात्रावासों में अनुशासन और नियमित दिनचर्या बेहतर होगी, जिससे बच्चों को एक सुरक्षित और प्रेरणादायक वातावरण मिलेगा। पालकों के मन में भी उनके बच्चों की सुरक्षा और उचित देखरेख की भावना मजबूत होगी।

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