कोरबा/रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड ने मोहर्रम, उर्स एवं अन्य इस्लामी धार्मिक आयोजनों की पवित्रता बनाए रखने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि धार्मिक कार्यक्रमों में डीजे, धुमाल, बैंड-बाजा, नाच-गाना तथा आतिशबाजी जैसी गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा और सभी आयोजन कुरआन, हदीस एवं शरियत के अनुरूप संपन्न किए जाएं।
वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने कहा कि मोहर्रम इबादत, सब्र और शहीद-ए-कर्बला की कुर्बानियों को याद करने का महीना है। इसलिए ऐसे अवसरों पर शरियत के विरुद्ध किसी भी गतिविधि की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने सभी ताजिया, उर्स, दरगाह एवं आयोजन समितियों से जारी निर्देशों का कड़ाई से पालन करने की अपील की है।
बोर्ड ने यह भी चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले आयोजकों, समितियों एवं जिम्मेदार पदाधिकारियों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हाल ही में कुछ स्थानों पर प्रतिबंधों के उल्लंघन के मामलों में पुलिस द्वारा कार्रवाई किए जाने का भी उल्लेख किया गया है।
वक्फ बोर्ड ने प्रदेशभर के मुस्लिम समाज से अपील की है कि मोहर्रम, उर्स एवं अन्य धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन पूरी सादगी, अनुशासन और धार्मिक मर्यादा के साथ करें। बोर्ड का कहना है कि धार्मिक आयोजनों की पवित्रता बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और समाज के सहयोग से ही इन परंपराओं की गरिमा सुरक्षित रखी जा सकती है।
वक्फ बोर्ड ने समाज से आग्रह किया है कि धार्मिक आयोजनों को श्रद्धा, शांति और भाईचारे के वातावरण में संपन्न कर प्रदेश में सौहार्द और अनुशासन की मिसाल प्रस्तुत करें।
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