Korba

युक्तियुक्तकरण से शिक्षकविहीन व एकलशिक्षकीय विद्यालय सहित अन्य स्कूलों में शिक्षकों की होगी पर्याप्त उपलब्धता।

*शैक्षणिक गुणवत्ता में होगा सुधार, स्कूलों में बेहतर अधोसंरचना का होगा विकास*

*छात्रों को मिलेगा लाभ*

कोरबा (ट्रैक सिटी)/ विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था में सुधार एवं छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा शालाओं एवं शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण का उत्तम निर्णय लिया गया है। इससे स्कूलों के शैक्षणिक स्तर में बढ़ोतरी होगी। लंबे समय से जिले के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों एवं पालकों द्वारा शिक्षकों की कमी के कारण शिक्षा स्तर में गिरावट के सम्बंध में शिकायत प्रशासन को की जाती रही है। साथ ही ऐसे विद्यालयों में शीघ्रता से शिक्षकों की पदस्थापना की निरंतर मांग बनी रहती है। इस समस्या के निदान के लिए राज्य शासन की युक्तियुक्तकरण की नीति फायदेमंद है। शासन के इस नीति से सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यालयों में पर्याप्त मात्रा में शिक्षकों की उपलब्धता होगी एवं शिक्षकों की पर्याप्त उपलब्धता से छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त होगी।

राज्य शासन के निर्देशानुसार जिले में शालाओं एवं शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण की कार्यवाही प्रारंभ की जा रही है। कलेक्टर अजीत वसंत के निर्देशन में शिक्षा विभाग द्वारा पारदर्शी प्रक्रिया अपनाते हुए पूरी कार्यवाही पूर्ण करने की तैयारी की गई है। युक्तियुक्त करण हेतु शालाओं का चिन्हांकन कर अतिशेष शिक्षकों की गणना की गई है।

युक्तियुक्तकरण के तहत ग्रामीण क्षेत्र के ऐसे प्राथमिक या माध्यमिक शाला जिनमें छात्रों की दर्ज संख्या 10 से कम है एवं उसके निकटतम प्राथमिक या माध्यमिक शाला की दूरी 1 किलोमीटर से कम है, ऐसे कम दर्ज संख्या वाले विद्यालय को निकटतम विद्यालय में समायोजन किया जाएगा। इसी प्रकार शहरी क्षेत्र में 30 से कम दर्ज संख्या संख्या वाले प्राथमिक या माध्यमिक शाला जिनके बीच की दूरी 500 मीटर से कम है, उसे निकटतम स्कूलों में समायोजित किए जाएंगे।

जिला शिक्षा अधिकारी ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि जिले में दो चरण में विद्यालयों का युक्तियुक्तकरण किया जा रहा है। प्रथम चरण में विद्यालयों का युक्तियुक्तकरण किया जाएगा। जिले के कुल 369 स्कूलों का समायोजन हेतु चिन्हांकित किया गया है। जिसके अंतर्गत एक ही परिसर में संचालित 12 प्राथमिक शाला, एक ही परिसर के 05 माध्यमिक शाला, एक ही परिसर के 308 प्राथमिक शाला, माध्यमिक शाला, हाई स्कूल, एक ही परिसर के 27 प्राथमिक शाला, माध्यमिक शाला, हाई स्कूल, हायर सेकेंडरी स्कूल, एक ही परिसर के 15 माध्यमिक शाला, हायर सेकण्डरी स्कूल, एवं एक ही परिसर के 02 हाई स्कूल, हायर सेकण्डरी स्कूल समायोजित होंगे। उन्होंने बताया कि युक्तियुक्तकरण से कोई पद समाप्त नहीं हो रहा है। प्रक्रिया के द्वारा गुणवत्तापुर्ण और निरंतर शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

शिक्षा विभाग द्वारा समायोजन के उपरांत स्कूलों में अतिशेष शिक्षकों की गणना की जा रही है। विकासखंड शिक्षा अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार 307 सहायक शिक्षक, 154 शिक्षक, 105 व्याख्याता, 08 प्राथमिक शाला प्रधान पाठक, 02 माध्यमिक शाला प्रधान पाठक एवं 02 प्राचार्य समायोजन के उपरांत अतिशेष है। जिनका शासन के निर्देशानुसार आने वाले 31 मई, 01 व 02 जून को काउंसलिंग के माध्यम से पद स्थापना विद्यालय में किया जाएगा। वर्तमान में जिले में लगभग 300 विद्यालय एकल शिक्षकीय है, 10 विद्यालय शिक्षकविहीन है। युक्तियुक्त करण की प्रक्रिया से ऐसे विद्यालयों में शिक्षकों की पदस्थापना होगी। काउंसलिंग की प्रक्रिया के लिए सर्वप्रथम शिक्षक विहीन विद्यालयों को प्राथमिकता दी जाएगी तद्उपरांत एकल शिक्षक विद्यालयों में काउंसलिंग की प्रक्रिया के तहत शिक्षकों की पदस्थापना की जाएगी एवं तत्पश्चात अति आवश्यक विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता हेतु काउंसलिंग के माध्यम से की जाएगी।

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