कोरबा (ट्रैक सिटी)/ कलेक्टर कुणाल दुदावत द्वारा आज लाइवलीहुड कॉलेज कोरबा में विभिन्न योजनाओं के तहत संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों का निरीक्षण एवं अवलोकन किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्रशिक्षण की गुणवत्ता, प्रगति तथा हितग्राहियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की विस्तृत जानकारी ली।
कलेक्टर ने पीएम विश्वकर्मा योजना अंतर्गत टेलर (दर्जी) एडवांस्ड कोर्स के हितग्राहियों से चर्चा कर प्रशिक्षण एवं उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की। हितग्राहियों ने बताया कि बुनियादी कौशल प्रशिक्षण पूर्ण करने के उपरांत एक लाख रुपये का लोन प्राप्त कर उसका उपयोग टेलरिंग व्यवसाय में किया गया है। सभी हितग्राहियों का उद्यम पंजीयन पूर्ण हो चुका है तथा वे वर्तमान में एडवांस्ड कोर्स का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। प्रशिक्षण अवधि में हितग्राहियों को पांच सौ रुपये प्रतिदिन की दर से कुल 07 हजार 500 रुपये की प्रशिक्षण प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।
कलेक्टर दुदावत ने बालको द्वारा संचालित सीजीपीएससी एवं सीजी व्यापमं प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग ले रहे हितग्राहियों से भी संवाद किया। उन्होंने प्रशिक्षण की गुणवत्ता, शिक्षकों की उपलब्धता, अध्ययन सामग्री तथा छात्रों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का मूल्यांकन किया।
कलेक्टर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि “आपके जीवन का यह अत्यंत कीमती समय है, इसे व्यर्थ न गंवाएँ। नियमित अभ्यास, मेहनत और जिम्मेदारी के साथ तैयारी ही सफलता का मार्ग है। उन्होंने युवाओं को कड़ी मेहनत कर सफलता प्राप्त करने हेतु प्रेरित किया तथा कहा कि शासन-प्रशासन संसाधन उपलब्ध करा सकता है, परंतु सफलता आपकी मेहनत पर निर्भर करती है। उन्होंने परीक्षा के दौरान तनाव न लेने की सलाह भी दी।
लाइवलीहुड कॉलेज में मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना अंतर्गत वर्तमान में एक भी प्रशिक्षण बैच संचालित न होने पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि आगामी 10 दिनों के भीतर न्यूनतम तीन नए प्रशिक्षण बैच अनिवार्य रूप से प्रारंभ किए जाएँ।
कलेक्टर ने आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना के तहत लाइवलीहुड कॉलेज में एनएसक्यूएफ मानकों के अनुरूप आवश्यक प्रशिक्षण प्रयोगशालाओं की स्थापना के निर्देश दिए। उन्होंने जॉब-ओरिएंटेड प्रशिक्षण प्रारंभ करने के लिए डीज़ल मैकेनिक, मोटर मैकेनिक, ड्राइवर, फिटर, वेल्डर आदि ट्रेड को शामिल करने के निर्देश भी प्रदान किए। कलेक्टर ने कॉलेज परिसर को व्यवस्थित और स्वच्छ रखने, अनुपयोगी सामग्रियों का नीलामीकरण करने तथा सभी कक्षाओं में नामपट्ट (नेमप्लेट) लगाने के निर्देश भी दिए।

