कोरबा (ट्रैक सिटी)। प्राकृतिक संपदा और जैव विविधता से समृद्ध कोरबा जिला छत्तीसगढ़ की अनमोल धरोहरों में शामिल है। यहां की हरी-भरी वन संपदा, कल-कल बहती नदियाँ, विशाल पर्वत श्रृंखलाएँ, मनमोहक पहाड़ी पर्यटन स्थल, सुंदर जलाशय एवं विविध वन्यजीव इस क्षेत्र की पहचान हैं।
कोरबा की धरती पर विशालकाय हाथियों का विचरण, दुर्लभ किंग कोबरा, तेंदुआ, भालू सहित अनेक प्रकार के पक्षी, तितलियाँ और अन्य जीव-जंतु पाए जाते हैं, जो इस क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता का प्रमाण हैं। विश्व जैव विविधता दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर जागरूकता का संदेश दिया गया।
विशेषज्ञों का कहना है कि जैव विविधता केवल पर्यावरण की सुंदरता नहीं बढ़ाती, बल्कि मानव जीवन के संतुलन, स्वच्छ जल, शुद्ध वायु, खाद्य सुरक्षा एवं प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा का आधार भी है। यदि जैव विविधता सुरक्षित रहेगी, तभी आने वाली पीढ़ियाँ भी इस प्राकृतिक वैभव का अनुभव कर सकेंगी।
इस अवसर पर लोगों से जंगलों की रक्षा, जल स्रोतों के संरक्षण, वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहने की अपील की गई।
वाइल्ड लाइफ रेस्क्यू टीम द्वारा लगातार वन्यजीव संरक्षण एवं मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। आमजन से भी अपील की गई है कि किसी भी वन्यजीव के संकट में होने की स्थिति में स्वयं हस्तक्षेप न करें, बल्कि तत्काल विशेषज्ञ रेस्क्यू टीम अथवा वन विभाग को सूचना दें।
विश्व जैव विविधता दिवस पर यह संदेश दिया गया कि धरती, जंगल, जल और वन्यजीवों की रक्षा करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि आज प्रकृति का संरक्षण किया जाएगा, तभी भविष्य सुरक्षित और समृद्ध बन सकेगा।

