कोरबा

विश्व हेपेटाइटिस दिवस 2026: कोरबा में निःशुल्क आयुर्वेद-योग चिकित्सा शिविर, विशेषज्ञों ने बताए लिवर को स्वस्थ रखने के उपाय।

कोरबा(ट्रैक सिटी)। विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर 28 जुलाई को लायंस क्लब कोरबा एवरेस्ट एवं आयुष मेडिकल एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में कोरबा के निहारिका रोड स्थित पतंजलि चिकित्सालय, श्री शिव औषधालय, महानदी कॉम्प्लेक्स में निःशुल्क आयुर्वेद एवं योग चिकित्सा परामर्श शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर हेपेटाइटिस (यकृत शोथ) से बचाव, उपचार और स्वस्थ जीवनशैली से जुड़ी जानकारी प्राप्त की तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों से निःशुल्क परामर्श लिया।

शिविर में छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ आयुर्वेद विशेषज्ञ एवं नाड़ीवैद्य डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा, डॉ. खुर्शीद खान (धरमजयगढ़), डॉ. सोमेश कुशवाहा (पेंड्रा) और डॉ. सुरेंद्र मिश्रा (पंतोरा) सहित अन्य चिकित्सकों ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं। इस दौरान मरीजों को लिवर के लिए उपयोगी यकृत बूस्टर क्वाथ भी निःशुल्क पिलाया गया तथा यकृत स्वास्थ्य से संबंधित पुस्तिकाएं वितरित की गईं।

शिविर को संबोधित करते हुए नाड़ीवैद्य डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा ने बताया कि हेपेटाइटिस यानी यकृत शोथ लिवर को प्रभावित करने वाला गंभीर रोग है, जिससे लिवर में सूजन और जलन की समस्या उत्पन्न होती है। उन्होंने कहा कि मोटापा, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, तंबाकू और शराब का सेवन, पित्तवर्धक भोजन तथा अत्यधिक भोजन करना इस बीमारी के प्रमुख जोखिम कारक हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि त्वचा और आंखों में पीलापन, गहरे रंग का मूत्र, लगातार थकान, भूख न लगना, उल्टी, जी मिचलाना, पेट दर्द या सूजन जैसे लक्षण दिखाई दें तो तत्काल चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए।

धरमजयगढ़ से पहुंचे डॉ. खुर्शीद खान ने कहा कि हेपेटाइटिस से बचाव के लिए नशे से पूरी तरह दूरी बनाना और संतुलित जीवनशैली अपनाना बेहद आवश्यक है। उन्होंने नियमित दिनचर्या और पौष्टिक भोजन को लिवर की सुरक्षा का महत्वपूर्ण आधार बताया।

पेंड्रा के डॉ. सोमेश कुशवाहा ने सात्विक एवं संतुलित आहार को लिवर के बेहतर स्वास्थ्य के लिए जरूरी बताते हुए लोगों से तैलीय, मसालेदार और असंतुलित भोजन से बचने की सलाह दी। वहीं पंतोरा के डॉ. सुरेंद्र मिश्रा ने कहा कि नियमित योग और प्राणायाम से यकृत की कार्यक्षमता बेहतर होती है। उन्होंने कपालभाति, अनुलोम-विलोम और भुजंगासन जैसे योगाभ्यास को दैनिक जीवन में शामिल करने की सलाह दी, जिससे शरीर से विषैले तत्वों का निष्कासन बेहतर तरीके से होता है।

आयोजकों ने बताया कि शिविर का उद्देश्य लोगों को हेपेटाइटिस के प्रति जागरूक करना और आयुर्वेद एवं योग के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया और विशेषज्ञों से अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर परामर्श लिया।

शिविर में डॉ. प्रवीण श्रीवास, डॉ. विवेक साहू, श्री शिव औषधालय की संचालिका प्रतिभा शर्मा, नेत्रनंदन साहू, अश्वनी बुनकर, कमल धारिया, अरुण मानिकपुरी, देवबली कुंभकार, सिद्धराम शाहनी, अनुराग, भानु प्रताप, पंचकर्म तकनीशियन पिंकी बरेठ, शैल कुमारी निषाद सहित अन्य सहयोगियों ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई।

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