कोरबा

“सजग कोरबा – सतर्क कोरबा” अभियान के तहत “ऑपरेशन शांति” चलाकर कोरबा पुलिस की व्यापक कार्यवाही।

*कोरबा पुलिस को 02 दिन में महत्वपूर्ण सफलता 07 स्थायी वारंट, 41 गिरफ्तारी वारंट की तामिली कुल 48 वारंटियों को पकड़ा* 

*लंबे समय से फरार वारंटियों की त्वरित पहचान एवं गिरफ्तारी*

*जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में एक साथ समन्वित कार्यवाही*

*कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने हेतु निरंतर दबिश एवं निगरानी*

*मोटर व्हीकल एक्ट के तहत 2 दिन में 24 शराब पीकर वाहन चलाने वालों के ख़िलाफ़ पुलिस की कठोर चालानी कार्यवाही ।*

*यातायात नियमों के उल्लंघन पर प्रभावी नियंत्रण एवं चालानी कार्यवाही*

कोरबा (ट्रैक सिटी)/ जिले में शांति, सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से कोरबा पुलिस द्वारा “सजग कोरबा, सतर्क कोरबा” अभियान के अंतर्गत “ऑपरेशन शांति” चलाकर स्थायी वारंट एवं गिरफ्तारी वारंट की तामिली हेतु विशेष अभियान संचालित किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लंबे समय से फरार वारंटियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित कर अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।

पुलिस अधीक्षक कोरबा सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कटघोरा नीतिश ठाकुर के मार्गदर्शन में जिले के समस्त थाना एवं चौकी प्रभारियों को सघन अभियान चलाकर फरार वारंटियों की गिरफ्तारी हेतु विशेष निर्देश दिए गए थे। इसके पालन में पुलिस टीमों का गठन कर विभिन्न स्थानों पर दबिश दी गई एवं तकनीकी सहायता से आरोपियों की तलाश की गई।

उक्त अभियान के तहत दिनांक 15.04.2026 एवं 16.04.2026 के दौरान कोरबा पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई, जिसमें—

▪️07 स्थायी वारंट की तामिली

▪️41 गिरफ्तारी वारंट की तामिली

▪️कुल 48 वारंटियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा (जेल) भेजा गया।

इसके अतिरिक्त, जिले में यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने एवं नियमों का पालन सुनिश्चित करने हेतु विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया, जिसमें कोरबा पुलिस के द्वारा दो दिवस के भीतर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत 24 शराब पीकर वाहन चलाने वालों के विरुद्ध कठोर चालानी कार्यवाही की गई।

पुलिस की अपील

कोरबा पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें तथा किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल नजदीकी थाना/पुलिस को दें। वारंटियों को शरण देना या उनकी जानकारी छिपाना कानूनन अपराध है।

*कोरबा पुलिस – सजग कोरबा, सतर्क कोरबा*

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