रायपुर

रायपुर शहर में रात दस बजे के बाद डीजे-धुमाल बजाना होगा प्रतिबंधित, बजाते पाए जाने पर संचालक व आयोजक दोनों पर होगी कार्रवाई

निर्धारित पर्यावरण संरक्षण मानको अनुसार ही बजेंगे डीजे-धुमाल

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वाहनों की बॉडी के बाहर साउंड बॉक्स निकालने पर मोटर यान अधिनियम के तहत की जाएगी कार्रवाई

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बिना अनुमति डीजे धुमाल बजाने वालों के भी विरुद्ध होगी कार्यवाही

यातायात पुलिस एवं पर्यावरण विभाग के अधिकारियों द्वारा डी.जे.-धुमाल संचालकों की बैठक

रायपुर / शहर की यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाए रखने हेतु आज रायपुर के डीजे धुमाल संचालकों की पुलिस और प्रशासन तथा पर्यावरण अधिकारियों के साथ बैठक हुई। बैठक में डीजे संचालन के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिये गए।

रायपुर शहर में अब रात दस बजे के बाद डीजे धुमाल नहीं बज सकेंगे।रात दस बजे के बाद डीजे-धुमाल बजाते पाए जाने पर डीजे-धुमाल संचालक एवं कार्यक्रम आयोजक दोनों के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।अब संचालको को पर्यावरण मानको के अनुसार ही डीजे-धुमाल बजाना होगा। वाहन के बॉडी के बाहर डी जे या धुमाल का बॉक्स निकला पाया जाने पर मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी ।

शहर में निर्धारित साइलेंट क्षेत्रों में डीजे धुमाल बजाना पूर्णता प्रतिबंधित रहेगा। किसी भी समारोह या कार्यक्रम में डी जे -धुमाल की बुकिंग के पूर्व अनुमति लेनी होगी । बिना अनुमति के डीजे धुमाल बजाने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कार्यालय अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात के सभागार में आयोजित इस बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात एमआर मंडावी, उप पुलिस अधीक्षक यातायात सतीश कुमार ठाकुर पर्यावरण विभाग के अधिकारी व शहर के डीजे धुमाल संचालक उपस्थित हुए।

इस बारे में कलेक्टर सौरभ कुमार ने कहा कि राजधानी रायपुर में कोरोना संक्रमण काल के दौरान लगाए गए नाइट कर्फ्यू में ढील देने के पश्चात से शहर के मैरिज पैलेसो एवं मैरिज गार्डनो में वृहत मात्रा में वैवाहिक कार्यक्रमों का आयोजन होने लगा है, जिनके द्वारा मुख्य मार्ग पर बारात आयोजन करने से शहर की यातायात व्यवस्था बाधित होने के साथ ही तेज़ आवाज में डीजे- धुमाल के शोर से आम नागरिकों को काफी असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा था। लोगो की सुविधा के लिए डीजे संचालको की बैठक लेकर उन्हें व्यवस्थित और नियमों के हिसाब से आयोजनों की समझाइश दी गई है।

वही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल ने बताया कि यातायात पुलिस रायपुर द्वारा जारी व्हाट्सएप कंप्लेंट नंबर 9479191234 पर डीजे धुमाल से असुविधा और बारा तो के सड़को पर बेतरतीब तरीके से निकलने की कई शिकायते मिल रही थी। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए आम लोगो की सुविधा के लिए डीजे धुमाल संचालकों को बुलाकर नियमो और शासकीय निर्देशो के अनुसार डीजे-धुमाल बजाने और बारातो को व्यवस्थित निकालने की समझाइश बैठक में दी गई है।

बैठक के दौरान पुलिस अधिकारियों ने वैवाहिक कार्यक्रम के दौरान सार्वजनिक मार्ग पर बारात आयोजन करने से आम नागरिकों को होने वाली असुविधाओं तथा शहर की यातायात व्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव की ओर प्रकाश डालते हुए डीजे संचालकों को कार्यक्रम आयोजन के दौरान रोड किनारे बारात निकालने के निर्देश दिये। अधिकारियों ने बताया कि साथ ही पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत किसी भी परिस्थिति में रात्रि दस बजे के बाद डीजे धुमाल बजाना कानूनन अवैध है, जिसके तहत 3 साल सजा का प्रावधान है साथ ही डीजे धुमाल जब्ती की कार्यवाही भी की जाएगी। अधिकारियों ने भविष्य में वैवाहिक कार्यक्रम आयोजन की बुकिंग लेने के पूर्व आयोजक को इस बारे में बताने के निर्देश डी जे – धुमाल संचालको को दिये। अधिकारियों ने चेताया कि रात दस बजे के बाद डीजे बजने पर आयोजक एवं संचालक दोनों के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी । जिस पर उपस्थित डीजे धुमाल संचालकों द्वारा अपनी सहमति व्यक्त करते हुए पुलिस को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया गया।
इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात रायपुर एमआर मंडावी द्वारा डीजे धुमाल संचालकों को साइलेंट जोन में डीजे धुमाल नहीं बजाने के संबंध में निर्देशित किया गया। श्री मंडावी ने स्कूल, हॉस्पिटल, शासकीय कार्यालयों के आसपास डी जे-धुमाल बजाने पर प्रतिबंध होने की जानकारी भी बैठक में दी।

पर्यावरण संरक्षण मंडल के अधिकारियों द्वारा डी जे- धुमांल संचालक को किसी भी परिस्थिति में साठ डेसिबल से अधिक आवाज में डी जे -धुमाल नहीं बजाने निर्देशित किया गया। अधिकारियों ने बताया कि साठ डेसिबल से अधिक ऊंची आवाज में डी जे- धुमाल बजाने पर पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई कर तीन साल का कारावास का तक हो सकता है। बैठक में डीजे-धुमाल संचालको ने प्रशासन -पुलिस एवं पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा दिए गए निर्देशों का पूरी तरह पालन करने का आश्वासन दिया।

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