रायपुर

तीन दिन में 30 स्कूलों की जांच, 14 को नोटिस जारी

जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, शिक्षा विभाग की 9 टीमें लगी जांच में

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तय राशि से ज्यादा फीस लेने सहित शिक्षण सुविधाओं की भी हो रही जांच

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रायपुर/ जिले के निजी स्कूलों द्वारा विद्यार्थियों के पालकों से तय राशि से ज्यादा फीस लेने और स्कूलों में अध्ययन-अध्यापन की सुविधाओं में कमी की सूचना को कलेक्टर श्री सौरभ कुमार ने गंभीरता से लिया है। कलेक्टर ने स्थानीय समाचार पत्रों में इस संबंध में समय-समय पर प्रकाशित खबरों को भी संज्ञान में लेकर सभी निजी विद्यालयों की जांच के निर्देंश जिला शिक्षा अधिकारी को दिए है। जिला शिक्षा अधिकारी ने निजी विद्यालयों की जांच के लिए 9 जांच दल बनाये है। इन जांच दलों ने पिछले तीन दिनों में ही जिले के 30 निजी स्कूलों में दबिस देकर वहां उपलब्ध सुविधाओं सहित पालकों से ली जा रही फीस आदि की पूरी जानकारी ली है। जांच दल की रिपोर्ट पर जिला शिक्षा अधिकारी ने पिछले तीन दिनों में 14 निजी स्कूलों को नोटिस जारी कर जरूरी दस्तावेजों के साथ कार्यालय में तलब किया है।

जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने 5 जिला स्तरीय और 4 विकासखण्ड स्तरीय जांच दल बनाये है। निजी स्कूलों के औचक निरीक्षण के दौरान गणवेश, पुस्तक-काॅपी आदि की खरीदी के संबंध में जानकारी ली गई है। स्कूलों द्वारा निर्धारित फीस, उसका फीस नियामक समिति द्वारा अनुमोदन, 8 प्रतिशत की सीमा में बढ़ोत्तरी की भी प्रमुखता से जांच की जा रही है। इसके साथ ही शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत पढ़ने वाले बच्चों की उपस्थिति, स्कूलों में साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय, अध्यापन कक्षों की उपलब्धता, शिक्षकों की उपस्थिति, कोविड टीकाकरण आदि की भी जांच दलों द्वारा गंभीरता से की जा रही है। अपने निरीक्षण के दौरान निजी विद्यालयों को शासकीय मान्यता संबंधी दस्तावेज की भी जांच की जा रही है।

जांच के दौरान अभनपुर के नवापारा स्थित नवकार पब्लिक स्कूल प्रबंधन द्वारा निर्धारित फीस से अधिक फीस लेना पाया गया है, जिसके लिए शाला प्रबंधन को नोटिस जारी किया गया है। गोबरा नवापारा अभनपुर के ही के.पी.एस. स्कूल ने निरीक्षण दल को कोई दस्तावेज नहीं दिखाये। प्रबंधन को तत्काल नोटिस जारी कर समस्त दस्तावेजों के साथ जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय तलब किया गया है। साथ ही संबंधित शासकीय विद्यालय के नोडल अधिकारी को भी नोटिस जारी किया गया है। रायपुर के कांगेर वैली एकेडमी के प्राचार्य द्वारा निरीक्षण अधिकारियों को फीस निर्धारण समिति से अनुमोदन एवं समिति गठन संबंधी कोई भी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए। पालकों के गणवेश एवं काॅपी-किताब खरीदने के लिए भी स्कूल द्वारा दुकानंे निर्धारित की गई है। कांगेर वैली एकेडमी प्रबंधन को भी तत्काल नोटिस देते हुए समस्त दस्तावेज के साथ कार्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिये गये है।

रेडिएंट वे स्कूल रायपुर के निरीक्षण में विद्यालय द्वारा विभागीय मान्यता संबंधी कोई भी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराये गये एवं विद्यालय परिसर में विद्यालय प्रबंधन द्वारा ही पाठय पुस्तकों एवं काॅपियो का विक्रय किया जा रहा है। स्वामी आत्मानंद विद्यापीठ तिल्दा को विभागीय मान्यता कक्षा नर्सरी से आठवी तक प्राप्त है। किन्तु विद्यालय द्वारा आर.टी.ई.के अन्तर्गत नर्सरी कक्षा के स्थान पर के.जी.1 में प्रवेश दिया जाना पाया गया । कृष्णा पब्लिक स्कूल डूण्डा रायपुर में मान्यता संबंधी एवं अन्य दस्तावेज का रख रखाव सही तरीके से नहीं है। सभी विद्यालयों के शाला प्रबंधन को नोटिस दिया गया है तथा पुरे दस्तावेजों के साथ जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय रायपुर में उपस्थित होने के निर्देश दिये गये । भामाशाह स्कूल छत्तीसगढ़ नगर में अध्यापन कक्ष एवं प्रशिक्षित शिक्षको की कमी पाई तथा फीस वृद्धि नहीं की गई किन्तु फीस समिति की बैठक एवं अनुमोदन प्राप्त नहीं किया गया। शासन द्वारा स्कूल को उपलब्ध कराई गई पाठय पुस्तकों का वितरण भी बच्चांे को नहीं किया गया। शाला प्रबंधन को नोटिस जारी किया गया है।

रायपुर के नवकार पब्लिक स्कूल में कुछ शिक्षक अप्रशिक्षित पाए गए एवं साफ-सफाई व्यवस्था ठीक नहीं थी। अल्फा पब्लिक स्कूल में पेयजल व्यवस्था नहीं है। छत्तीसगढ़ पब्लिक स्कूल टिकरापारा में शिक्षक की कमी पाई गई तथा मान्यता संबंधी एवं अन्य दस्तावेज निरीक्षण अधिकारियो का उपलब्ध नहीं कराया गया। इन सभी स्कूलों के प्रबंधकों को नोटिस जारी किया गया है। रायपुर के शैलेन्द्र नगर स्थित होली क्रास स्कूल द्वारा निरीक्षण दल को कोई भी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए। बैरन बाजार के होली क्रास स्कूल में कक्षा नर्सरी एवं कक्षा 11 वी., कक्षा 12 वीं में आठ प्रतिशत से अधिक शुल्क वृद्धि की गई है। फीस वृद्धि में नोडल प्राचार्य का अनुमोदन नहीं कराया गया है। इसके साथ ही प्राचार्य द्वारा मान्यता संबंधी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जा सके। उरकुरा के शंकरा उ.मा. विद्यालय में दर्ज संख्या से अधिक विद्यार्थी पाये गये। उरकुरा के ही आडियल पब्लिक स्कूल में प्रयोगशाला नहीं है तथा स्कूल में कमरों की भी कमी पाई गई । स्कूलों के प्रबंधन को तत्काल नोटिस देते हुए समस्त दस्तावेज के साथ कार्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिये गये है। इसके साथ-साथ संबंधित विद्यालयों के नोडल अधिकारियों को भी नोटिस जारी किया गया है।

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