कोरबा (ट्रैक सिटी) सेवा भारती कोरबा द्वारा स्वतंत्रता दिवस का भव्य आयोजन देशभक्ति और उल्लास के वातावरण में संपन्न हुआ।
मुख्य अतिथि के रूप में साईं कोचिंग सेंटर, कोरबा के संचालक अमित अग्रवाल जी उपस्थित रहे।
उन्होंने कहा कि “इस पावन अवसर पर मुझे मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाना मेरे लिए गौरव का क्षण है। मैं सेवा भारती के कार्यों से पूर्व से परिचित हूं, विशेषकर मातृछाया जैसा अद्भुत और हृदयस्पर्शी प्रकल्प से, जो मानवता के मंदिर के समान है और जिसे निस्वार्थ भाव से सेवा करने वाले मानवता के पुजारियों ने स्थापित किया है । मैं आप सभी को पूर्ण विश्वास दिलाता हूं कि समाज की सेवा में जब भी मेरी आवश्यकता होगी, मैं सदैव उपलब्ध रहूंगा”।
मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, कोरबा के जिला कार्यवाह कैलाश नाहक ने कहा कि स्वतंत्रता हमें ऐसे लाखों गुमनाम नायकों के बलिदान से प्राप्त हुई है जिनका इतिहास में नाम तक दर्ज नहीं है। यह भारत भूमि देवभूमि और पुण्यभूमि है। उन्होंने महर्षि अरविंद जी के भारत माता के Skirt विचार को याद करते हुए कहा कि मेरा सिर हिमालय पर्वत है, मेरी दोनों भुजाएं कोरमंडल हैं, मैं चलता हूं तो भारत चलता है में बोलता हूं तो भारत बोलता है.।
उन्होंने स्वामी विवेकानंद जी के संदेशों को साझा करते हुए बताया कि भारत माता ही जागृत देवी है जिनकी हर भारतीय को आराधना करनी चाहिए ।
उन्होंने कहा कि वास्तविक स्वतंत्रता केवल राजनीतिक आज़ादी नहीं है, बल्कि आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से आत्मनिर्भर, नैतिक और जागरूक समाज का निर्माण ही इसका लक्ष्य होना चाहिए।
सेवा भारती के सचिव सुनील जैन ने संस्था के विभिन्न सेवा प्रकल्पों की विस्तृत जानकारी दी, जिसमें मातृछाया सहित शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कार और सेवा से जुड़े विविध कार्यों का उल्लेख किया गया।
संचालन का दायित्व सेवा भारती के कोषाध्यक्ष गोविंद माधव उपाध्याय ने निभाया एवं आभार प्रदर्शन संस्था के उपाध्यक्ष वैभव चौरसिया ने किया।
कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य नागरिक अजय पांडेय, आशीष जायसवाल, अभिषेक शर्मा, निकेश अग्रवाल, बालकृष्ण सिंह, करुण सिंह राजपूत, लक्ष्मण सिंह, महेंद्र सिंह, मोतीलाल साहू, मयंक श्रीवास,
श्रीमती माया अग्रवाल, श्रीमती निक्की उपाध्याय, श्रीमती रीता श्रीवास्तव, श्रीमती शिव साहू, श्रीमती शोभा अवस्थी, श्रीमती मीना अदलखा, श्रीमती रेखा सिंह आदि।
समारोह का समापन राष्ट्रभक्ति गीतों और भारत माता की जय के गगनभेदी नारों के साथ हुआ।

