कोरबा (ट्रैक सिटी)/ सरकारी एंबुलेंस स संजीवनी डायल 108 संजीवनी एक्सप्रेस में इमरजेंसी सेवा देने वाले कर्मचारियों पर वेतन का संकट आ गया है। जिनका कहना है कि 3 महीने में एक बार वेतन दिया जा रहा है। जिससे परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। अब संजीवनी के तकनीकी कर्मचारियों के साथ ही पायलट भी हड़ताल पर जाने की तैयारी कर रहे “हैं। कलेक्टर और सीएमएचओ को सौंपे ज्ञापन में उन्होंने तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है। समय पर वेतन भुगतान नहीं होने पर वह 12 दिसंबर से अनिश्चित हड़ताल पर चले जाएंगे।
। डायल 108 पर लोगों को इमरजेंसी एंबुलेंस की सेवा सरकार लगभग 50 कर्मचारी हैं। कुल 11 प्रदान करती है। कोरबा जिले में इसमें एंबुलेंस है, औसतन 4 से 5 कॉल प्रतिदिन प्रति एंबुलेंस द्वारा अटेंड किया जाता है। इमरजेंसी एंबुलेंस में सेवा देने वाले कर्मचारियों को 2019 से होने ग्रेज्युटी का भुगतान नहीं किया गया है। 12-12 घंटे तक का काम लिया जाता है, लेकिन महज 9910 रुपए का वेतन प्रदान किया जाता है। यह वेतन भी समय पर नहीं मिलता। दो या तीन माह में एक बार वेतन दिया जाता है, जिससे मानसिक और आर्थिक दोनों तरह से वह परेशान रहते हैं। लगातार कई वर्षों तक काम करने के बाद भी वेतन में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई इसके पहले भी । दिसंबर को कलेक्टर जनदर्शन में वह अपनी मांगों को आवेदन के माध्यम से कलेक्टर के समक्ष रख चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है।
ईएमटी (इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन) के तौर पर सरकारी एंबुलेंस में सेवा देने वाले चंद्रप्रकाश सिदार का कहना है कि 3 महीने एक में बार वेतन दिया जाता है, जिससे घर चलाना मुश्किल हो गया है सरकारी एंबुलेंस का ठेका फिलहाल जय अंबे ईमरजेंसी सर्विसेज 108 प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया है। कंपनी को भी हमने अपने हालात से अवगत कराया है, लेकिन कोई रिस्पांस नहीं मिला है। यही हाल रहा तो हमारे लिए आगे काम करना और भी मुश्किल होगा।
बुधराम कुर्रे कहते हैं कि हमारा वेतन काफी कम है, वो भी समय पर नहीं मिलता, हमारा भी परिवार है। बच्चों के स्कूल फीस से लेकर घर के राशन तक की जिम्मेदारी रहती है, प यदि वेतन समय पर मिल जाए तो हमें काफी आसानी होगी, लेकिन कंपनी म की तरफ से कुछ भी आश्वासन नहीं मिल रहा है। यदि वह कोई आश्वासन भी दे देते, तो हम आंदोलन नहीं करते हैं।
महिला ईएमटी रामेश्वरी कंवर का कहना है कि हमारी एकमात्र 2 समस्या वेतन है, हमें समय पर वेतन ए दिया जाए तो हमारी समस्याओं का के समाधान हो जाएगा। हमारी ग्रेच्यूटी भी लंबित है, लेकिन इस दिशा में कोई रा भी सकारात्मक कदम नहीं उठाया जाल रहा है। हमने कलेक्टर को भी ज्ञापन ल सौंपा है। समस्याओं का समाधान नहीं न होने पर हम 12 दिसंबर से हड़ताल पर जाएंगे।

