कोरबा

कोरबा महापौर के 01 वर्ष के कार्यकाल में शहर को मिली अनेक महत्वपूर्ण उपलब्धियॉं।

उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करने वाली महापौर संजूदेवी राजपूत ने कोरबा के विकास को दी नई ऊर्जा।

(सड़क, पानी, बिजली, साफ-सफाई, उद्यानिकी, पर्यावरण संरक्षण व शहर सौदंर्यीकरण पर हुए कार्य,जनसमस्याओं पर रखा गया विशेष फोकस, शासन की योजनाओं का लोगों तक पहुंचा लाभ)

कोरबा (ट्रैक सिटी)/ ऊर्जानगरी कोरबा के विकास के लिए उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाली महापौर संजूदेवी राजपूत का 01 वर्ष का कार्यकाल उपलब्धियों से भरा रहा, इस दौरान शहर को अनेकों महत्वपूर्ण उपलब्धियॉं प्राप्त हुई, एक ओर जहॉं सडक, पानी, बिजली, साफ-सफाई, उद्यानिकी, पर्यावरण संरक्षण व शहर सौदंर्यीकरण की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किये गये, वहीं शासन की योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाया गया। एक ओर जहॉं कोरबा देश के ’’ टॉप-10 ’’ स्वच्छ शहरों में शामिल हुआ, तो वहीं दूसरी ओर स्वच्छता शपथ पर हस्ताक्षर के ऐतिहासिक आयोजन के माध्यम से कोरबा का नाम ’’ गोल्डन बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड ’’ के सुनहरे पृष्ठों पर दर्ज कराया गया।

नगर पालिक निगम कोरबा की महापौर संजूदेवी राजपूत का 01 वर्ष का कार्यकाल पूरा हुआ है, इस 01 वर्ष के कार्यकाल में उन्होने कोरबा के विकास के लिये स्थानीय विधायक व प्रदेश के उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य किया तथा कोरबा के विकास को नई ऊर्जा, सही गति व दिशा दी। यहॉं यह भी उल्लेख करना आवश्यक होगा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अगुवाई में प्रदेश के अहम विभागों की जिम्मेदारी संभाले हुये उद्योग, वाणिज्य, श्रम, आबकारी व सार्वजनिक उपक्रम मंत्री लखनलाल देवांगन के कार्यकाल के 02 वर्ष 01 माह का समय लगभग पूर्णता की ओर है, उनके द्वारा कोरबा के विकास के लिये लगातार कार्य किये जा रहे थे, इसी बीच जनता जनार्दन के आशीर्वाद से संजूदेवी राजपूत कोरबा की महापौर निर्वाचित हुई तथा कोरबा के विकास के लिये उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन के कार्यो को आगे बढ़ाने के कार्य में जुट गयी। इसका सुखद परिणाम रहा कि इस अवधि में एक ओर जहॉं अरबों रूपये के विकास कार्य स्वीकृत कराये गये, विकास कार्यो को गति दी गई, तो वहीं दूसरी ओर मूलभूत सुविधाओं व नागरिक सुविधाओं की बेहतरी की दिशा में व्यापक पैमाने पर कार्य किये गये।

67 वार्डो मंे 573 नये विकास कार्यो की स्वीकृति 

इस अवधि में नगर पालिक निगम केारबा के सभी 67 वार्डो में सड़क, नाली, पानी, बिजली व अन्य महत्वपूर्ण आवश्यकताओं एवं सुविधाओं से जुडे़ 573 नवीन विकास कार्यो को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है, जिनमें से कुछ कार्य पूर्णता की ओर, कुछ प्रगति पर एवं कुछ प्रक्रियाधीन है। वार्ड की छोटी – बड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने वाले लगभग 100 करोड़ रूपये के स्वीकृत इन विकास कार्यो के साथ-साथ इस अवधि में अन्य बड़ी परियोजनाओं, बडे़ विकास कार्यो हेतु लगभग 800 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी जा चुकी है तथा इन विकास कार्याे को धरातलीय स्तर पर आकार देने की प्रक्रिया जारी है।

देश के टाप-10 स्वच्छ शहरों में शामिल हुआ कोरबा 

महापौर संजूदेवी राजपूत के 01 वर्ष की महत्वपूर्ण उपलब्ध रही है कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 में कोरबा देश के टाप-10 स्वच्छ शहरों में शामिल हुआ तथा स्वच्छता रैंकिंग में देश में 08वें स्थान का सम्मान अर्जित किया। बीते 01 वर्ष में शहर की साफ-सफाई व्यवस्था में गुणात्मक सुधार देखने को मिला तथा शहर के कचरा डम्पिंग प्वाइंट समाप्त किये गये, आज इन डम्पिंग प्वाइंट के स्थान पर स्माल गार्डन नजर आ रहे हैं, इस 01 वर्ष की अवधि में डोर-टू-डोर अपशिष्ट संग्रहण की व्यवस्था मजबूत की गई है तथा कचरे का उचित प्रबंधन भी सुनिश्चित कराया गया है। संसाधनों को अपडेट किया गया, तो वहीं अपशिष्ट संग्रहण हेतु 80 नग इलेक्ट्रानिक रिक्शा संसाधन बेडे में शामिल किये गये, तो वहीं 02 नग अत्याधुनिक मोबाईल टायलेट भी उपलब्ध कराये गये।

गोल्डन बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड में भी कोरबा 

स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता लाने तथा स्वच्छता व साफ-सफाई को अपनी जीवनशैली बनाने के प्रति लोगों को जागरूक करने हेतु निगम द्वारा ’’ स्वच्छता शपथ पर हस्ताक्षर ’’ कराने का ऐतिहासिक आयोजन किया गया, 280 मीटर लंबे एक ही बैनर पर केवल 20 मिनट में 15500 से अधिक नागरिकों ने हस्ताक्षर कर विश्व रिकार्ड बनाया तथा गोल्डन बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड के सुनहरे पन्नों में हमारे कोरबा का नाम दर्ज हुआ।

कोरबा की जीवनदायनी हसदेव नदी प्रदूषण से मुक्त होगी 

महापौर संजूदेवी राजपूत के 01 वर्ष के कार्यकाल की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक उपलब्धि यह भी रही है कि अब निकट भविष्य में कोरबा की जीवनदायनी हसदेव नदी प्रदूषण से मुक्त हो जायेगी, कोरबा में 33 एम.एल.डी. क्षमता का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जा रहा है, शहर के 11 बडे़ ऐसे नाले जिनके माध्यम से पूरे शहर का प्रदूषित जल प्रवाहित होता है तथा यह दूषित जल हसदेव नदी में मिलकर उसके जल को प्रदूषित करता है, के प्रदूषित जल को इस सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में उपचारित करके उसे शुद्ध जल का रूप दिया जाएगा, इस शुद्धीकृत जल का उपयोग एनटीपीसी अपने संयंत्र संचालन आदि कार्यो में करेगा। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट प्रारंभ हो जाने के पश्चात हसदेव नदी में प्रदूषित पानी नहीं मिलेगा तथा हसदेव नदी हमेशा के लिये प्रदूषण से मुक्त होगी।

पेयजल समस्या से ग्रसित बस्तियों तक पहुंचेगा पानी 

महापौर संजूदेवी राजपूत के इस 01 वर्ष के कार्यकाल की एक बड़ी उपलब्धि रही है, 20 एम.एल.डी. क्षमता के जल उपचार संयंत्र की स्वीकृति। यहॉं उल्लेखनीय है कि वर्तमान में निगम द्वारा पेयजल आवर्धन भाग-1 के अंतर्गत 32 एम.एल.डी., 12 एम.एल.डी. व 6.81 एम.एल.डी. जल उपचार संयंत्रों का संचालन कर जलापूर्ति की जा रही है, 6.81 एमएलडी के पुराने जल उपचार संयंत्र के स्थान पर अब 20 एमएलडी का नया जल उपचार संयंत्र स्थापित होगा तथा इसके माध्यम से निगम क्षेत्र की ऐसी सुदूर बस्तियॉं जहॉं पर पेयजल की किल्लत है, उन बस्तियों तक पर्याप्त पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी तथा इस संयंत्र के माध्यम से मोतीसागरपारा, इमलीडुग्गू, भिलाईखुर्द, दादरखुर्द, मानिकपुर, खरमोरा, पीएम आवास दादर, बेलगिरी बस्ती, रूमगरा, कोहडि़या एवं प्रगतिनगर की लगभग 58000 आबादी को पर्याप्त पेयजल आपूर्ति का लाभ प्राप्त हो सकेगा।

पी.एम.ए.वाई. में सर्वाधिक डी.पी.आर. का श्रेय 

शासन की अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के साथ-साथ प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 में निगम को सर्वाधिक डीपीआर तैयार कर शासन को भेजने का श्रेय प्राप्त हुआ है, भारत सरकार द्वारा निगम को 3000 आवासगृहों के डीपीआर का लक्ष्य दिया गया था, जिससेे दो कदम आगे बढते हुए निगम ने 4000 से अधिक आवासगृहों का डीपीआर तैयार कर शासन को प्रस्तुत किया है, जो प्रदेश में सर्वाधिक है एवं निगम की एक बड़ी उपलब्धि है।

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