कोरबा

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक: पेट्रोलियम गैस और आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु कड़े निर्देश।

मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को दिए निर्देश।

कोरबा (ट्रैक सिटी)/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक वीडियोकॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई, जिसमें सभी संभागायुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, कोरबा जिले से कलेक्टर कुणाल दुदावत और पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने पश्चिम एशियाई संकट के परिप्रेक्ष्य में प्रदेश में पेट्रोलियम गैस और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता की विस्तृत समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार आम जनता को आवश्यक सेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त कार्यवाही

केंद्र सरकार के पेट्रोलियम गैस मंत्रालय द्वारा 28 फरवरी 2026 के बाद उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए बताया गया कि 08 मार्च 2026 को नया एलपीजी कंट्रोल ऑर्डर जारी किया गया है। इसके तहत घरेलू गैस की उपलब्धता बनाए रखने के लिए घरेलू क्षेत्र में शत-प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। औद्योगिक इकाइयों पर लगा प्रतिबंध भी 27 मार्च से हटा लिया गया है।

प्रदेश स्तर पर खाद्य विभाग ने संचालक की अध्यक्षता में एक राज्य नियंत्रण कक्ष (State Control Room) की स्थापना की है। किसी भी सहायता के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 1800-233-3663 जारी किया गया है। वर्तमान में विभिन्न क्षेत्रों के लिए प्राथमिकता के आधार पर गैस आवंटन तय किया गया है, जिसमें शैक्षणिक संस्थानों और अस्पतालों को 100 प्रतिशत प्राथमिकता दी जा रही है।

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में अब तक एलपीजी की कालाबाजारी की कोई बड़ी घटना सामने नहीं आई है। प्रशासन द्वारा सतर्कता बरतते हुए मार्च माह में अब तक 335 स्थानों पर छापे मारे गए हैं, जिनमें अनियमितता के 75 प्रकरण दर्ज कर 3,841 सिलेंडर जप्त किए गए हैं। इन कार्यवाहियों में 97 व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर भी दर्ज की गई है।

मुख्यमंत्री ने समस्त कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने जिलों में पेट्रोल और डीजल की दैनिक आवक, वितरण और स्टॉक की नियमित समीक्षा करें। इसके साथ ही जिलों में नियंत्रण कक्ष के गठन, नियमित पुलिस गश्त और भ्रामक जानकारियों को नियंत्रित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रदेश में पीएनजी (PNG) पाइपलाइन और सीएनजी (CNG) स्टेशनों के विस्तार का कार्य भी तेजी से प्रचलित है, जिसके लिए विभिन्न अधिकृत संस्थाओं द्वारा अधोसंरचना विकास किया जा रहा है।

बैठक के अंत में मुख्यमंत्री ने आगामी खरीफ सीजन के लिए उर्वरक प्रबंधन, ऊर्जा सुरक्षा और कानून व्यवस्था जैसे विषयों पर भी जिलों से अपेक्षित कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने खाद्य अधिकारी को आवश्यक निर्देश भी दिए।

*जिला कोरबा में खाद्य आपूर्ति एवं परिवहन की निगरानी हेतु नियंत्रण कक्ष सक्रिय, अधिकारियों की ड्यूटी निर्धारित*

कोरबा जिले में आवश्यक वस्तुओं, विशिष्ट केरोसिन तथा डीज़ल/पेट्रोल के सुचारु वितरण और परिवहन व्यवस्था की निगरानी के लिए जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष स्थापित कर संचालित किया जा रहा है। नियंत्रण कक्ष के माध्यम से आम जनता द्वारा प्राप्त शिकायतों, सुझावों तथा आवश्यक जानकारी का संकलन कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

नियंत्रण कक्ष के प्रभावी संचालन हेतु जिले के अधिकारियों और कर्मचारियों को दायित्व सौंपे गए हैं। इनमें श्रीमती उर्मिला गुप्ता, खाद्य निरीक्षक (मोबाइल 7869990067), पारस सोनी, खाद्य निरीक्षक (मोबाइल 9479045059), रवि कुमार यादव, खाद्य निरीक्षक (मोबाइल 8319129386), सुरेश लांजी, खाद्य निरीक्षक (मोबाइल 7723954059), नवीन तिवारी, सहायक प्रबंधक (मोबाइल 7879818309) तथा पंकज कुमार अग्रवाल, लिपिक दैनिक वेतनभोगी, खाद्य शाखा कोरबा (मोबाइल 8319363959) शामिल हैं। ये सभी अधिकारी समय-समय पर नियंत्रण कक्ष में उपलब्ध रहकर प्राप्त शिकायतों का निराकरण करेंगे।

जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष का दूरभाष क्रमांक 9691901259 जारी किया गया है, जिस पर नागरिक खाद्य आपूर्ति से संबंधित समस्या, सुझाव या आवश्यक जानकारी दर्ज करा सकते हैं।

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