कोरबा

मुख्यमंत्री के निर्देश पर आयोजित सुशासन तिहार लाया खुशहाली, बेसहारा बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी अब शासन और प्रशासन की।

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कोरबा (ट्रैक सिटी)/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार प्रदेश भर में सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान के तहत कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देशन में कोरबा जिला प्रशासन द्वारा जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है, जहाँ आम नागरिक सुगमता से अपनी समस्याओं के समाधान हेतु आवेदन दे रहे हैं। इसी कड़ी में कोरबा में आयोजित शिविर ने दो मासूम बच्चों के जीवन में शिक्षा का उजियारा फैलाया है।

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*दादा की आँखों में उम्मीद और प्रशासन का साथ*

वार्ड क्रमांक 19 निवासी 60 वर्षीय बुजुर्ग जीवराखन विश्वकर्मा ने अपने नाती उमा शंकर (8 वर्ष) और नातिन सृष्टि (7 वर्ष) के भविष्य को लेकर इस शिविर में अपनी गुहार लगाई थी। माता-पिता के आकस्मिक निधन के बाद इन बच्चों का लालन-पालन और सरस्वती शिशु मंदिर, बुधवारी में उनकी पढ़ाई का खर्च उठाना बुजुर्ग दादा के लिए एक भारी बोझ बन गया था। सुशासन तिहार के मंच ने उनकी इस चिंता को हमेशा के लिए दूर कर दिया।

*शिक्षा की राह हुई आसान- स्कूल प्रबंधन और प्रशासन ने बढ़ाया हाथ*

जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री जी की मंशा के अनुरूप, पीड़ित परिवार की स्थिति और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य को प्राथमिकता देते हुए तत्काल कार्यवाही की गई। संवेदनशीलता का परिचय देते हुए सरस्वती शिशु मंदिर, बुधवारी के विद्यालय प्रबंधन ने एक बच्चे की वार्षिक शैक्षणिक शुल्क की जिम्मेदारी स्वयं वहन करने की सहमति दी है। वहीं, दूसरे बच्चे की शिक्षा का पूरा वार्षिक व्यय जिला प्रशासन द्वारा वहन करने का निर्णय लिया गया है।

*जनसमस्या निवारण शिविर बन रहे वरदान*

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा शुरू किया गया यह सुशासन तिहार आज आमजन के लिए वरदान साबित हो रहा है। जहाँ एक ओर सरकारी प्रक्रियाओं का सरलीकरण हुआ है, वहीं दूसरी ओर उमा शंकर और सृष्टि जैसे बच्चों को यह भरोसा मिला है कि उनके सपनों के साथ पूरा शासन खड़ा है। जीवराखन विश्वकर्मा ने इस मानवीय पहल के लिए मुख्यमंत्री एवं जिला प्रशासन का सहृदय आभार व्यक्त किया है।

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