रायपुर (ट्रैक सिटी) राजधानी रायपुर में अपराध अनुसंधान एवं वैज्ञानिक जांच व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। सी-4 सिविल लाइन रायपुर में 02 अत्याधुनिक मोबाइल फोरेंसिक वैन को सुशील चंद्र द्विवेदी एवं डॉ. संजीव शुक्ला द्वारा हरी झंडी दिखाकर कर्तव्य स्थल के लिए रवाना किया गया।

इन आधुनिक मोबाइल फोरेंसिक वाहनों के माध्यम से अब घटनास्थल पर ही वैज्ञानिक साक्ष्यों का त्वरित संकलन एवं प्रारंभिक परीक्षण किया जा सकेगा। इससे अपराधों की जांच अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं तकनीकी रूप से मजबूत होगी।
इस अवसर पर पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि वर्तमान समय में अपराध अनुसंधान में वैज्ञानिक तकनीकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। मोबाइल फोरेंसिक वैन के संचालन से पुलिस टीम घटनास्थल पर तुरंत पहुंचकर साक्ष्यों को सुरक्षित कर सकेगी, जिससे अपराधों के शीघ्र खुलासे में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में यह सुविधा पुलिस रिस्पॉन्स सिस्टम को नई मजबूती प्रदान करेगी।
दोनों सीन ऑफ क्राइम वाहनों में विभिन्न प्रकार के अपराध स्थलों से साक्ष्य एकत्र करने हेतु अत्याधुनिक फोरेंसिक किट, परीक्षण उपकरण एवं आवश्यक तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। इन मोबाइल प्रयोगशालाओं की खासियत यह है कि इनका उपयोग रात्रिकालीन जांच कार्यों में भी प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा।
वाहनों के माध्यम से घटनास्थल पर ही आवश्यक फोरेंसिक परीक्षण एवं साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया तेज गति से पूरी की जा सकेगी तथा प्रारंभिक जांच रिपोर्ट भी मौके पर उपलब्ध हो सकेगी। इससे जांच की गुणवत्ता में सुधार होने के साथ-साथ अपराधों के त्वरित निराकरण में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।
कार्यक्रम में अमित तुकाराम कांबले, उमेश गुप्ता, दिनेश देवांगन, आरती गुप्ता, जगदीश अग्रवाल, तारकेश्वर पटेल, डॉ. अर्चना झा, टी. एल. चंद्रा, डॉ. योगिता साहू, निलेश द्विवेदी तथा अनीष सारथी सहित एफएसएल के अधिकारी, अधिवक्तागण एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

