कोरबा (ट्रैक सिटी)। जिला मेडिकल कॉलेज में जन्मे एक नवजात शिशु को कथित रूप से अवैध लेनदेन के माध्यम से दूसरे पालक को सौंपे जाने का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर एवं जिला बालक कल्याण एवं संरक्षण समिति के अध्यक्ष श्री कुणाल दुदावत के निर्देश पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग कोरबा श्री बसंत मिंज के मार्गदर्शन में जिला चाइल्ड हेल्प लाइन 1098 की जिला समन्वयक श्रीमती सरिता सिन्हा द्वारा पूरे प्रकरण में संलिप्त लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि देश में केवल उन्हीं बच्चों को दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया में शामिल किया जा सकता है, जिन्हें बाल कल्याण समिति द्वारा विधिवत “लीगल फ्री” घोषित किया गया हो अथवा समिति द्वारा आदेशित किया गया हो। किसी भी प्रकार से बच्चों की खरीदी-बिक्री, अवैध लेनदेन या गैरकानूनी तरीके से गोद देने की प्रक्रिया कानूनन अपराध है।
दत्तक ग्रहण की वैधानिक प्रक्रिया केवल केंद्रीय दत्तक ग्रहण प्राधिकरण (CARA) के माध्यम से ही निर्धारित है। इच्छुक अभिभावकों को CARA पोर्टल पर आवेदन कर महिला एवं बाल विकास विभाग की अधिकृत प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य होता है।
प्रशासन ने बताया कि नियमों का उल्लंघन करने पर दत्तक ग्रहण विनियम एवं मानव तस्करी से संबंधित प्रावधानों के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई और दंड का प्रावधान है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा भी बच्चों के अवैध दत्तक ग्रहण पर रोक लगाने के लिए समय-समय पर दिशा-निर्देश जारी किए जाते रहे हैं।
अधिकारियों ने आमजन से अपील की है कि यदि कहीं भी बच्चों के अवैध दत्तक ग्रहण या खरीद-फरोख्त जैसी गतिविधियों की जानकारी मिले तो तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 या संबंधित विभाग को सूचना दें।
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