कोरबा/कुसमुंडा (ट्रैक सिटी)। नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा के 18 पार्षदों ने कुसमुंडा क्षेत्र की आदर्श नगर बायपास सड़क पर भारी कोयला वाहनों के संचालन का कड़ा विरोध करते हुए SECL कुसमुंडा प्रबंधन को पत्र सौंपा है। पार्षदों ने चेतावनी दी है कि यदि आम लोगों की आवाजाही वाली इस सड़क पर भारी वाहनों का संचालन बंद नहीं किया गया तो जनहित में चक्का जाम आंदोलन किया जाएगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी SECL प्रबंधन की होगी।
पार्षद आशा साहू द्वारा 30 मई 2026 को मुख्य महाप्रबंधक, SECL कुसमुंडा परियोजना को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि आदर्श नगर कुसमुंडा बायपास सड़क लगभग 30 गांवों और बस्तियों के लोगों के लिए कोरबा आने-जाने का प्रमुख मार्ग है। रेलवे फाटक अक्सर बंद रहने के कारण यह सड़क क्षेत्रवासियों के लिए एकमात्र वैकल्पिक रास्ता बन गई है।
पत्र में आरोप लगाया गया है कि कुछ निजी कंपनियों की भारी-भरकम हाईवा और ट्रेलर वाहनों को इस सड़क पर चलाने की अनुमति दी जा रही है, जो न केवल नियमों के विपरीत है बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकती है। पार्षदों का कहना है कि इस मार्ग पर भारी वाहनों के चलने से दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाएगी और लोगों का आवागमन प्रभावित होगा।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि रेलवे ओवरब्रिज के नीचे स्थित लक्ष्मण नाला पुल पहले से ही जर्जर स्थिति में है और वहां तीव्र मोड़ होने के कारण पूर्व में कई हादसे हो चुके हैं। ऐसे में भारी कोयला वाहनों का दबाव बढ़ना गंभीर खतरे को आमंत्रण देने जैसा होगा।
इसके अलावा पार्षदों ने SECL अधिकारियों पर आदर्श नगर बायपास मार्ग के किनारे रहने वाले लोगों के मकान खाली कराने और उचित मुआवजा नहीं दिए जाने का भी आरोप लगाया है।
18 पार्षदों का एकजुट विरोध
नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा के 18 पार्षदों ने इस मुद्दे पर एकजुट होकर विरोध दर्ज कराया है। उनका कहना है कि आम जनता की सुविधा और सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। पार्षदों ने SECL प्रबंधन से मांग की है कि बायपास सड़क को आम नागरिकों के लिए सुरक्षित रखा जाए तथा इस मार्ग पर भारी कोयला वाहनों का संचालन तत्काल रोका जाए।
पार्षदों ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्रवासियों के साथ मिलकर व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।
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