कोरबा

शिक्षा व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने कलेक्टर ने ली शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक।

पूर्ण पारदर्शिता के साथ मेरिट के आधार पर शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया संपन्न कराने अधिकारियों को किया निर्देशित।

*मूलभूत सुविधाओं से वंचित नहीं रहेगा कोई विद्यालय, अधोसंरचना सुधार हेतु प्राथमिकता से कार्य करने के निर्देश*

*नवप्रवेशी विद्यार्थियों के स्वागत के साथ शाला प्रवेश उत्सव मनाने व्यापक तैयारियों सुनिश्चित करने किया निर्देशित*

*सड़क सुरक्षा व नशामुक्ति के प्रति विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाने शालाओं में नियमित रूप से कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश*

*नए शैक्षणिक सत्र में विभागीय अधिकारी नई ऊर्जा के साथ करें कार्य – कलेक्टर*

कोरबा (ट्रैक सिटी)/ कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। उन्होंने नए शैक्षणिक सत्र में शिक्षा व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने, विद्यालयी अधोसंरचना विकास और शिक्षकों की उपलब्धता को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए सुनियोजित कार्ययोजना के साथ प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने नए शैक्षणिक सत्र में विभागीय अधिकारियों को नई ऊर्जा के साथ कार्य करने हेतु प्रेरित किया।

कलेक्टर ने शाला प्रवेश उत्सव की तैयारियों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी विद्यालयों में आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित की जाएं। पंचायतों के सहयोग से विद्यालय परिसरों की व्यापक साफ-सफाई कराने के लिए कहा। 16 जून को जिले के सभी विद्यालय में शाला प्रवेश उत्सव मनाया जाए एवं बच्चों एवं पालकों से सम्पर्क कर उनकी उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का उत्साहपूर्वक स्वागत करने की बात कही। कलेक्टर ने शिक्षकविहीन एवं एकल शिक्षकीय विद्यालयों में भी शाला प्रवेश की आवश्यक वैकल्पिक व शैक्षणिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बाउंड्रीवॉल युक्त विद्यालयों में शाला प्रवेश के अवसर पर नए विद्यार्थियों से पौधरोपण कराने, एक सप्ताह के भीतर गणवेश एवं पाठ्यपुस्तकों का वितरण पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी विद्यालयों में आमजन के सहयोग से समय समय पर न्योता भोज का आयोजन कर उसे उत्सव के रूप में मनाने के निर्देश भी दिए।

विद्यालयों में स्वीकृत एवं रिक्त पदों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने बताया कि शासन स्तर पर स्वीकृत रिक्त पदों की भर्ती की जाएगी। उन्होंने जिले के विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करने हेतु विषयवार अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति की प्रकिया शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए। इस हेतु योग्य अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित कर तथा पूर्ण पारदर्शिता के साथ मेरिट के आधार पर चयन प्रक्रिया संपन्न कराने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया।

शैक्षणिक अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाने हेतु कलेक्टर ने जिले के विद्यालय भवनों की स्थिति की समीक्षा कर जर्जर एवं अति जर्जर भवनों का अद्यतन विवरण शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही विद्यालयों में पेयजल व्यवस्था एवं रनिंग टैप वाटर की उपलब्धता की जानकारी लेते हुए सभी स्कूलों में निर्बाध पेयजल सुविधा सुनिश्चित करने हेतु कमी वाले विद्यालयों की सूची जल्द से जल्द उपलब्ध वहां कराने के निर्देश दिए। जिससे आवश्यक कार्यवाही तेजी से पूर्ण किया जा सके।

कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि शैक्षणिक संस्थानों के अधोसंरचना विकास की दिशा में ऐसे ठोस एवं परिणाममूलक कार्य किए जाएं, जिससे आने वाले समय में जिले का कोई भी शैक्षणिक संस्थान – भवन, पेयजल, विद्युत एवं शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित न रहे। इसके लिए उन्होंने अधोसंरचना संबंधी कमियों वाले संस्थानों में मिशन मोड पर कार्य करते हुए समयबद्ध रूप से आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

वंचित बच्चों की अपार आईडी प्राथमिकता से बनाने के निर्देश, आधार अपडेट पर विशेष फोकस

कलेक्टर ने विद्यार्थियों के अपार आईडी निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए वंचित बच्चों की अपार आईडी प्राथमिकता के आधार पर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नए शैक्षणिक सत्र में प्रत्येक बच्चे का शाला प्रवेश अपार आईडी के साथ सुनिश्चित किया जाए। साथ ही जिन बच्चों की अपार आईडी नाम अथवा जन्मतिथि संबंधी त्रुटियों के कारण नहीं बन पाई है, उनका आधार अद्यतन कार्य प्रवेश के समय ही प्राथमिकता से कराया जाए। इस हेतु विशेष शिविर आयोजित कर बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए । उन्होंने यू-डाइस पोर्टल में भी बच्चों की दर्ज त्रुटिपूर्ण प्रविष्टियों में सुधार करते हुए विद्यालय खुलने के प्रथम दिवस से ही डाटा नियमित रूप से अद्यतन करने के निर्देश दिए । साथ ही मेंडेटरी बायोमेट्रिक अपडेट कार्य को प्राथमिकता के साथ शीघ्रता से पूर्ण कराने की बात कही।

कलेक्टर ने ड्रॉपआउट एवं शाला त्यागी बच्चों की विद्यालयवार जानकारी संकलित करने के निर्देश देते हुए कहा कि ऐसे बच्चों की पहचान कर उनकी एवं उनके पालकों की प्रभावी काउंसलिंग की जाए। विशेष रूप से कक्षा 5वीं से 6वीं, 8वीं से 9वीं तथा 10वीं से 11वीं में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की सतत निगरानी रखने की बात कही। जिससे कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले में ड्रॉपआउट एवं शाला त्यागी बच्चों की संख्या शून्य करने के लक्ष्य के साथ कार्य किया जाए।

कलेक्टर ने उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए अभियान में शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बोर्ड परीक्षा के विद्यार्थियों को अपने आसपास के असाक्षरों की पहचान कर उन्हें साक्षरता अभियान से जोड़ने हेतु प्रेरित करने की बात कही, जिससे उन्हें बोर्ड परीक्षा में अतिरिक्त अंक प्राप्त होने के साथ-साथ परीक्षा परिणाम में भी निश्चित रूप से लाभ होगा। कलेक्टर ने असाक्षरों के समयबद्ध पंजीकरण को भी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने सभी विद्यालयों में सड़क सुरक्षा एवं नशामुक्ति अभियान नियमित रूप से जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पेंटिंग, क्विज, निबंध एवं रंगोली जैसी विविध गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में यातायात सुरक्षा एवं नशामुक्ति के प्रति जागरूकता बढ़ाने की बात कही। साथ ही इन गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु वार्षिक कैलेंडर तैयार करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए।

बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दिनेश कुमार नाग, जिला शिक्षा अधिकारी तामेश्वर उपाध्याय सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहें।

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